जेसीपीओए से निकलने का नुक़सान, अमरीका को ही भुगतना होगाः रूहानी
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राष्ट्रपति रूहानी का कहना है कि अमरीका यदि जेसीपीओए से निकलता है तो इसका नुक़सान केवल अमरीका को ही होगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct ११, २०१७ १३:४८ Asia/Kolkata
  • जेसीपीओए से निकलने का नुक़सान, अमरीका को ही भुगतना होगाः रूहानी

राष्ट्रपति रूहानी का कहना है कि अमरीका यदि जेसीपीओए से निकलता है तो इसका नुक़सान केवल अमरीका को ही होगा।

राष्ट्रपति रूहानी ने बुधवार को मंत्रीमण्डल की बैठक में कहा कि जेसीपीओए, विश्व की सरकारों के लिए एक परीक्षा है।  उन्होंने कहा कि यदि वार्ता में भाग लेने वाले सभी, जेसीपीओए के प्रति कटिबद्ध रहें तो उन्होंने अपनी ही प्रतिष्ठा की रक्षा की है किंतु अगर कोई इस समझौते के प्रति कटिबद्ध नहीं रहता तो वास्तव में उसने अपनेआप को स्वंय ही क्षति पहुंचाई है।

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरान ने जो मार्ग अपनाया है उसे पूरे विश्व का समर्थन प्राप्त है।उन्होंने कहा कि अमरीका के यूरोपीय घटकों में से भी कोई जेसीपीओए के निरस्त करने के हित में नहीं है।  हसन रूहानी ने कहा कि अगर अमरीका, जेसीपीओए से निकलकर अलग होता है तो अमरीकियों को पता चलेगा कि उनके देश को कितना नुक़सान हुआ है।  उन्होंने कहा कि इस समय यह बात सबके लिए स्पष्ट है कि अन्तर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कौन कर रहा है।

डाक्टर हसन रूहानी ने इस बैठक में इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र में कराए गए जनमत संग्रह के बारे में कहा कि इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र के अधिकारियों ने जो ग़लती की है उसका भुगतान उन्हें करना होगा लेकिन कुर्दिस्तान की जनता सम्मानीय है।