सिपाहे पासदारान का अपमान पूरी इस्लामी व्यवस्था का अपमान हैः सशस्त्र सेना
अगर ईरान की सशस्त्र सेना विशेषकर सिपाहे पासदारान की कार्यवाहियां व प्रयास न होते तो आज क्षेत्र के बहुत से देशों में आतंकवाद फैल गया होता।
ईरानी सेना ने एक विज्ञप्ति जारी करके इस देश के संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति के हालिया बयान की भर्त्सना की है।
ईरानी सेना ने गत रात्रि एक विज्ञप्ति जारी करके सिपाहे पासदारान आईआरजीसी के अपमान को पूरी इस्लामी व्यवस्था का अपमान बताया और सशस्त्र सेनाओं विशेषकर सेना और सिपाहे पासदारान की एकता व एकजुटता पर बल दिया।
इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेना ने बल देकर कहा कि अगर ईरान की सशस्त्र सेना विशेषकर सिपाहे पासदारान की कार्यवाहियां व प्रयास न होते तो आज क्षेत्र के बहुत से देशों में आतंकवाद फैल गया होता।
ईरानी सेना ने बल देकर कहा कि सेना और सिपाहे पासदारान एकजुट हैं और वे इस्लामी व्यवस्था के लक्ष्यों व आकांक्षाओं की रक्षा करेंगे। ईरान के विरुद्ध वाशिंग्टन की नई शत्रुतापूर्ण स्ट्रैटेजी के अंतर्गत अमेरिकी सरकार इस देश की कांग्रेस के साथ मिलकर सिपाहे पासदारान सहित ईरान पर दबाव में वृद्धि के लिए सहकारिता करेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इससे पहले भी ईरान के संरक्षक बल सिपाहेपासदारान के खिलाफ बयान दिया था।
ज्ञात रहे कि सीरिया और इराक में अमेरिकी समर्थन प्राप्त आतंकवादियों से मुकाबले में सिपाहे पासदारान की महत्पूर्ण भूमिका है।
सिपाहे पासदारान आईआरजीसी इराक और सीरिया में तकफीरी आतंकवादियों से मुकाबले के लिए इन देशों की आधिकारिक मांग पर उन्हें परामर्श की सहायता देता है और यह एसा कार्य है जो किसी भी स्थिति में ट्रम्प को अच्छा नहीं लगेगा। MM