आतंकवाद, इस्लामी राष्ट्रों और देशों के लिए एक ख़तरा हैः शमख़ानी
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ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने अफ़ग़ानिस्तान में मस्जिदों में होने वाले आतंकी हमलों की निंदा करते हुए आतंकवाद को इस्लामी राष्ट्रों और देशों के लिए एक ख़तरा बताया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct २१, २०१७ १६:०९ Asia/Kolkata
  • आतंकवाद, इस्लामी राष्ट्रों और देशों के लिए एक ख़तरा हैः शमख़ानी

ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने अफ़ग़ानिस्तान में मस्जिदों में होने वाले आतंकी हमलों की निंदा करते हुए आतंकवाद को इस्लामी राष्ट्रों और देशों के लिए एक ख़तरा बताया है।

अली शमख़ानी ने काबुल और ग़ौर प्रांत के दुलैना ज़िले की दो मस्जिदों में हुए आतंकी हमलों के बाद अपने अफ़ग़ान समकक्ष को एक संदेश भेज कर कहा है कि कुछ क्षेत्री देशों का समर्थन प्राप्त तकफ़ीरी आतंकवाद, इस्लामी राष्ट्रों और देशों के लिए एक गंभीर ख़तरा है और इसे सिर्फ़ आपसी सहयोग और संयुक्त संघर्ष द्वारा रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि दाइश के ख़िलाफ़ सैन्य कार्यवाही के साथ ही उसकी वैचारिक जड़ों से सांस्कृतिक मुक़ाबाल भी जारी रहना चाहिए और इस संबंध में इस्लामी जगत के धर्मगुरू विशेष कर ईरान व अफ़ग़ानिस्तान के धर्मगुरू अहम भूमिका निभा सकते हैं।

 

ईरान की उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने इसी तरह इन आतंकी हमलों में शहीद होने वालों के परिजनों से संवेदना जताते हुए ईरान की ओर से घायलों के उपचार के लिए तैयार की घोषणा की। ज्ञात रहे कि शुक्रवार की रात अफग़ानिस्तान की राजधानी काबुल और ग़ौर प्रांत के दुलैना ज़िले की दो मस्जिदों में हुए आतंकी हमलों में 70 से अधिक लोग शहीद और 100 से अधिक घायल हो गए। (HN)