सारे संकट कूटनयिक रास्ते से हल होंः विदेशमंत्री
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने बल दिया है कि क्षेत्र पर नया संकट नहीं थोपा जाना चाहिए।
उन्होंने बुधवार को ट्वीट किया कि दुनिया में कोई भी संकट नहीं है जो कूटनयिक रास्ते से हल न हो सके। उन्होंने कहा कि जितना हम वार्ता के माध्यम से सीरिया संकट के समाधान से निकट हो रहे हैं ठीक उसी तरह यमन के बारे में भी होना चाहिए।
विदेशमंत्री ने कहा कि क्षेत्र पर बमबारी, धमकियों और त्यागपत्र से नया संकट नहीं थोपा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी यह सिद्ध हो चुका है कि दुनिया में एेसा कोई भी संकट नहीं रहा जो वार्ता द्वारा हल न हुआ हो।
उनका कहना था कि ईरान का लक्ष्य शांति और सुरक्षा की स्थापना है और कोई भी इस लक्ष्य से वंचित और अपवाद न रहे।
ज्ञात रहे कि सीरिया संकट वर्ष 2011 और यमन संकट 2015 में सऊदी अरब और उसके समर्थित आतंकवादियों के व्यापक हमलों से आरंभ हुआ है। हालिया दिनों में क्षेत्र नये संकट पैदा करने के लिए सऊदी-ज़ायोनी मोर्चे के प्रयासों का साक्षी रहा है।
लेबनान के प्रधानमंत्री साद हरीरी ने शनिवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ में बैठकर अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने त्यागपत्र देने के बाद दावा किया कि लेबनान का वर्तमान वातावरण वर्ष 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की हत्या के काल से बहुत मिलता जुलता है।
उन्होंने दावा किया कि मैंने यह एहसास किया कि मेरी भी हत्या कर देंगे, इसीलिए मैंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र देने के बाद ईरान पर लेबनान सहित क्षेत्रीय अरब देशों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया और दावा किया कि लेबनान का हिज़्बुल्लाह, क्षेत्र में ईरान की विंग है। (AK)