एकता सप्ताह, एकता समय की सबसे महत्वपूर्ण ज़रूरत
इस्लामी गणतंत्र ईरान सहित पूरी दुनिया में ईदे मिलादुन्नबी और एकता सप्ताह का जश्न बड़े ही हर्षोल्लाहास से मनाया जा रहा है।
बारह रबीउल अव्वल की मुबारक तारीख़ के अवसर पर ईरान के विभिन्न क्षेत्रों में सुन्नी मुसलमानों के साथ शिया मुसलमान और धर्मगुरु, ईदे मिलादुन्नबी के जश्न में भाग ले रहे हैं और पैग़म्बरे इस्लाम के पवित्र आचरण पर चलने पर प्रतिबद्धता दिखा रहे हैं।
दुनिया भर के मुसलमानों की भांति ईरान में भी ईदे मिलादुन्नीब और एकता सप्ताह का जश्न पूरी शान व शौकत के साथ मनाया जा रहा है और धर्मगुरु और वक्ता पैग़म्बरे इस्लाम के गुणों और उनके भाईचारे के पाठ पर रोशनी डाल रहे हैं।
ईदे मिलादुन्नबी के जश्न के साथ ईरान और दुनिया के विभिन्न देशों में एकता सप्ताह आंरभ हो गया। एकता सप्ताह के अवसर पर कांफ़्रेंसों और सेमीनारों में वक्ताओं की ओर से मुसलमानों के मध्य एकता और एकजुटता की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
सुन्नी मुसलमानों के अनुसार 12 रबीउल अव्वल को पैग़म्बरे इस्लाम का जन्म दिन है जबकि शिया मुसलमान 17 रबीउल अव्वल को उनका जन्म दिन मानते हैं, इसी अवसर पर इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी ने 12 से 17 रबीउल अव्वल तक की तारीख़ को एकता सप्ताह घोषित किया और उसके बाद से हर वर्ष ईरान सहित पूरी दुनिया में इन दिनों एकता सप्ताह मनाया जाता है।
इस्लाम के दुश्मन मुसलमानों के बीच मतभेद के बीज बोने का प्रयास कर रहे हैं और विश्व साम्राज्यवाद धार्मिक भावनाओं को आहत करके तथा क्षेत्रीय देशों में युद्ध की आग भड़काकर ज़ायोनी शासन की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के प्रयास में है ताकि वह अपने नापाक इरादों में कामयाब हो सके, इसीलिए इस्लामी धर्म के बुद्धिजीवियों और धर्मगुरुओं की यह ज़िम्मेदारी है कि वह मुसलमानों में एकता पैदा करेें ताकि दुश्मनों के षड्यंत्रों को विफल बनाया जा सके और इमाम ख़ुमैनी की ओर से घोषित किया गया एकता सप्ताह इस अवसर से लाभ उठाने का बेहतरीन साधन है। (AK)