फ़िलिस्तीन स्वतंत्र होकर रहेगाः आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई
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इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि फ़िलिस्तीन हर हाल में स्वतंत्र होकर रहेगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Dec ०६, २०१७ १२:३३ Asia/Kolkata
  • फ़िलिस्तीन स्वतंत्र होकर रहेगाः आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि फ़िलिस्तीन हर हाल में स्वतंत्र होकर रहेगा।

आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने बुधवार को पैग़म्बरे इस्लाम (स) और इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर देश की तीनों पालिकाओं के प्रमुखों, इस्लामी देशों के राजदूतों और तेहरान में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय एकता सम्मेलन में भाग लेने आए मेहमानों से भेंट की।  उन्होंने कुछ क्षेत्रीय शासकों द्वारा अमरीकी नीतियों का अनुसरण करने पर खेद व्यक्त किया।  इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि अमरीका, ज़ायोनी शासन और उनके क्षेत्रीय पिछलग्गू, वर्तमान समय के फ़िरऔन हैं।

वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, किसी भी मुसलमान सरकार के साथ मतभेद नहीं चाहता।  उन्होंने कहा कि जिस प्रकार के ईरान के भीतर एकता स्थापित है हम चाहते हैं कि इस्लामी जगत में भी एेसा ही हो।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अमरीका का अनुसरण करने वालों को हमारी यह नसीहत है कि अत्याचारियों की सेवा उनके लिए हानिकारक सिद्ध होगी।  वरिष्ठ नेता ने कहा कि पवित्र क़ुरआन कहता है कि अत्याचारियों का साथ देने वालों का अंजाम तबाही के रूप में सामने आएगा।  उन्होंने कहा कि दाइश जैसे आतंकी संगठन के गठन का मुख्य उद्देश्य शिया-सुन्नी मतभेद फैलाना था उन्होंने कहा कि लेेकिन एेसा नहीं होगा।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि इस्लामी जगत के दर्द का इलाज, इस्लाम के शत्रुओं विशेषकर ज़ायोनियों का डटकर मुक़ाबला करना है।  उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इस्लामी जगत का ज्वलंत मुद्दा फ़िलिस्तीन है।

वरिष्ठ नेता ने कहा कि फ़िलिस्तीन की आज़ाद के लिए संघर्ष, हम सबकी ज़िम्मेदारी है।आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि बैतुल मुक़द्दस को ज़ायोनी शासन की राजधानी के रूप में घोषित करने का इस्लामी शत्रुओं का निर्णय, उनकी कमज़ोरी का परिचायक है।  उन्होंने कहा कि इस्लामी जगत इस घृणित षडयंत्र का डटकर मुक़ाबला करेगा और आख़िरकार फ़िलिस्तीन स्वतंत्र होकर रहेगा।