सजल नेत्रों से ईरान ने पूर्व राष्ट्रपति को दी श्रद्धांजलि
ईरान की इस्लामी व्यवस्था हित संरक्षक परिषद के पूर्व प्रमुख स्वर्गीय आयतुल्लाह हाशेमी रफ़संजानी की पहली बरसी के अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि पेश की।
आयतुल्लाह हाशेमी रफ़संजानी की पहली बरसी के अवसर पर राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने ट्वीट किया कि स्वर्गीय आयतुल्लाह हाशेमी रफ़संजानी की कामना, ईरान की प्रतिष्ठा और उसको ऊंचाईयों पर पहुंचाना था।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय हाशेमी रफ़संजानी इस्लामी गणतंत्र ईरान से प्रेम करते थे और उनकी दिली ख़ाहिश, वास्तविक इस्लाम का प्रचार और ईरान को बुलंदियों पर पहुंचाना था।

इस अवसर पर तेहरान में आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए ईरान के उप राष्ट्रपति इस्हाक़ जहांगीरी ने भी श्री रफ़संजानी को श्रद्धांजलि पेश किया।
उन्होंने हाशेमी रफ़संजानी को श्रद्धांजलि पेश करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी उम्र के अंतिम क्षणों तक इस्लामी क्रांति की रक्षा की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अमरीका यदि परमाणु समझौते से निकलता है तो निश्चित रूप से स्वयं वाशिंग्टन को ही नुक़सान होगा।
ईरान के उप राष्ट्रपति ने कहा कि अमरीकियों को यह जान लेना चाहिए कि परमाणु समझौते से वाशिंग्टन के निकल जाने से ईरानियों को कोई अफ़सोस नहीं होगा।

ज्ञात रहे कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी और वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई के निष्ठावान और सच्चे साथी हाशेमी रफ़संजानी का एक वर्ष पहले आज ही के दिन दिल का दौरा पड़ने से 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। (AK)