संयुक्त राष्ट्र संघ ने परमाणु समझौते का समर्थन किया
दुनिया की सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय संस्था के महासचिव ने ईरान के परमाणु समझौते जेसीपीओए का समर्थन किया है।
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव ने संयुक्त समग्र कार्य योजना जेसीपीओए के क्रियान्वन के दो साल होने के अवसर पर अपने एक बयान में कहा कि जेसीपीओए से असंबंधित विषय से इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते को नुक़सान नहीं पहुंचाना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव का यह बयान, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के बयान के बाद महत्वपूर्ण समझा जाता है। डोनल्ड ट्रम्प ने कुछ दिन पहले ईरान के विरुद्ध परमाणु प्रतिबंधों को स्थगित करने की अवधि बढ़ाते हुए जेसीपीओए पर बाक़ी रहने के लिए चार शर्तें रखी हैं, उन्होंने धमकी दी है कि यदि यह चार शर्त पूरी नहीं की गयी तो वह 120 दिन बाद ईरान के परमाणु प्रतिबंधों को स्थगित करने की अवधि को नहीं बढ़ाएंगे और समझौते से निकल जाएंगे।
वर्तमान समय में इस्लामी गणतंत्र ईरान, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी, फ़्रांस के राष्ट्रपति तथा रूस और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जेसीपीओए के बारे में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के दृष्टिकोण का जमकर विरोध किया है। इन सबसके बावजूद डोनल्ड ट्रम्प की ओर से अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के उल्लंघन और अमरीकी सरकार की शत्रुतापूर्ण नीतियों के जारी रहने के बीच ही वाइट हाऊस ने सचेत किया है कि 120 दिन बाद ईरान और गुट पांच धन एक के बीच दो वर्ष की वार्ता के बाद प्राप्त होने वाले समझौते से अमरीका निकल जाएगा और यदि डोनल्ड ट्रम्प की शर्तें पूरी होती हैं तो अमरीका समझौते पर बाक़ी रहेगा।
यह एेसी हालत में है कि ईरान स्वेच्छा से पूरक प्रोटोकोल पर अमल कर रहा है और जेसीपीओए का क्रियान्वयन करके उसने देश के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की पथभ्रष्टता का खंडन कर दिया है। (AK)