पैग़म्बरे इस्लाम की सुपुत्री का शहादत दिवस, शोक में डूबा ईरान
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पैग़म्बरे इस्लाम की सुपुत्री हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का शहादत दिवस पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंगलवार को इस शहादत दिवस के उपलक्ष्य में पूरा ईरान शोकाकुल रहा और सभी शहरों और गांवों में शोक सभाएं हुईं तथा जुलूस निकाले गए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb २१, २०१८ ०३:५४ Asia/Kolkata
  • पैग़म्बरे इस्लाम की सुपुत्री का शहादत दिवस, शोक में डूबा ईरान

पैग़म्बरे इस्लाम की सुपुत्री हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का शहादत दिवस पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। मंगलवार को इस शहादत दिवस के उपलक्ष्य में पूरा ईरान शोकाकुल रहा और सभी शहरों और गांवों में शोक सभाएं हुईं तथा जुलूस निकाले गए।

राजधानी तेहरान की लगभग सभी मस्जिदों और इमाम बारगाहों में मजलिस का आयोजन हुआ और सड़कों के किनारे श्रद्धालुओं ने जगह जगह तबर्रुक अर्थात प्रसाद के रूप में शरबत पिलाए।

तेहरान के इमाम ख़ुमैनी इमाम बारगाह में भी मजलिस का आयोजन किया गया जिसमें इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई सहित वरिष्ठ सैनिक व सिविल अधिकारियों ने भाग लिया जबकि आम लोगों की भी एक बड़ी संख्या उपस्थित थी। मंगलवार शाम की मजलिस हुज्जतुल इस्लाम आली ने पढ़ी। उन्होंने हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला साथ ही शैतान के बहकावों का उल्लेख करते हुए कहा कि शैतान ने परिवारों और पारिवारिक संबंधों को निशाना बना रखा है यदि पारिवारिक संबंध ख़त्म हो गए तो इंसानों का पतन आसान हो जाएगा और समाज ध्वस्त हो जाएगा।

 

हुज्जतुल इस्लाम आली ने कहा कि हज़रत अली अलैहिस्सलाम और हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा का परिवार प्रेम, श्रद्धा और सम्मान से सुसज्जित था यही प्रकाशमय परिवार मुसलमान परिवारों के लिए आदर्श होना चाहिए।

पवित्र नगर क़ुम में भी हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा का शहादत दिवस पूरी श्रद्धा से मनाया गया। वरिष्ठ धर्मगुरुओं ने अपने प्रवचन और लेकर के स्थानों पर मजलिस का आयोजन किया और हज़रत फ़ातेमा ज़हरा सलामुल्लाह अलैहा पर होने वाले अत्याचारों का उल्लेख किया। क़ुम में अलग अलग स्थानों से पूरे दिन जुलूस निकलते रहे और सारे जुलूस पैग़म्बरे इस्लामी की पौत्री हज़रत मासूमा के रौज़े पर पहुंच कर समाप्त हुए। एक जुलूस एसा भी निकला जिसमें बहुत बड़ी संख्या में वरिष्ठ धर्मगुरुओं ने भाग लिया।

 

पवित्र नगर मशहद में भी पूरा दिन हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का शोक मनाया गया और जुलूस निकाले गए।

इराक़ के पवित्र नगरों कर्बला, नजफ़, काज़मैन तथा सामर्रा सहित अनेक शहरों और बस्तियों में हज़रत फ़ातेमा ज़हरा का शहादत दिवस मनाया गया।

सीरिया, कुवैत, लेबनान, तुर्की, भारत और पाकिस्तान सहित अनेक देशों में पैग़म्बरे इस्लाम की सुपुत्री के शहादत दिवस का शोक मनाया गया।