ईरान, क्षेत्र में प्रजातंत्र का ध्वजवहाक हैः राष्ट्रपति रूहानी
राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र क्षेत्र में सभ्यता का निर्माता और प्रजातंत्र का ध्वजवाहक है।
डाॅक्टर हसन रूहानी ने 31वें इंटरनैश्नल ख़ारज़मी फ़ैस्टीवल के समापन समारोह में कहा कि यूनिवर्स्टियों ने हमेशा, राजनैतिक व सामाजिक परिवर्तनों में बुनियादी किरदार अदा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान एेसा देश है जिसने इस्लाम से पहले और इस्लाम के बाद के दो चरणों में ज्ञान के उत्पादन व प्रसार और मानव सभ्यता की परवरिश में मूल्यवान भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इस्लाम से पहले प्राचीन ईरान में बुद्धिजीवियों, कलाकारों, वैज्ञानिकों, ज्ञानियों और वास्तुकारों ने उस समय की मिस्र, चीन व यूनान जैसी बड़ी सभ्यताओं से प्रतिस्पर्धा करने वाली सभ्यता को अस्तित्व प्रदान किया और ईरान को एक एेसे महान देश में बदल दिया जिसमें विचार, नई बातें, वैज्ञानिक केंद्र और प्रतिष्ठित ज्ञानी थे।
राष्ट्रपति रूहानी ने इस्लाम के बाद के चरण के बारे में कहा कि इस्लाम मूल रूप से न केवल अपने मानने वालों को ज्ञान अर्जित करने की सिफ़ारिश करता था बल्कि यह धर्म ही, पढ़ने का आदेश देकर शुरू हुआ और इस्लाम एेसा धर्म है जिसने विज्ञान को महत्व दिया और उसे श्रेष्ठता प्रदान की। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद विज्ञान व सभ्यता के क्षेत्र में ईरान के इतिहास का तीसरा चरण शुरू हुआ है और ईरान सही कार्यक्रमों और अथक प्रयासों से एक महान सभ्यता का जनक बन सकता है। राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि ईरान, प्रजातंत्र अपनाने वाला क्षेत्र का पहला देश है और चुनावों के आयोजन में सबसे अग्रणी है और उसने संसार के सामने धार्मिक प्रजातंत्र के शासन का एक नया माॅडल पेश किया है। (HN)