रक्षा शक्ति पर कोई वार्ता नहीं होगीः राष्ट्रपति रूहानी
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राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने एक बार फिर कहा कि ईरान अपनी रक्षा और मीज़ाइल क्षमता के बारे में न किसी से अनुमति लेगा और न ही वार्ता करेगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb २८, २०१८ १३:०२ Asia/Kolkata
  • रक्षा शक्ति पर कोई वार्ता नहीं होगीः राष्ट्रपति रूहानी

राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने एक बार फिर कहा कि ईरान अपनी रक्षा और मीज़ाइल क्षमता के बारे में न किसी से अनुमति लेगा और न ही वार्ता करेगा।

राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने बुधवार को ईरान के दक्षिणी शहर बंदर अब्बास में एक जन सभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र की सुरक्षा में क्षेत्रीय देशों के परस्पर सहयोग की आवश्यता पर बल दिया। 

उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में सुरक्षा के लिए विदेशी शक्तियों की सहायता की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने ईरानी जनता को नुक़सान पहुंचाने के लिए अमरीकी कार्यवाहियों और प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि अमरीका ने ईरान को नुक़सान पहुंचाने के प्रयास में स्वयं को ही अलग थलग कर लिया है। 

राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि दुनिया के बहुत से देश यहां तक कि यूरोपीय देशों ने भी अमरीका की इस हरकत की निंदा की है। उन्होंने सुरक्षा परिषद में अमरीका और ब्रिटेन की ईरान विरोधी कार्यवाही की निंदा करते हुए इस संबंध में रूस की सकारात्मक कार्यवाही की सराहना की। 

उन्होंने कहा कि सोमवार की रात अमरीका ने सुरक्षा परिषद में ईरान के विरुद्ध निंदनीय प्रस्ताव पास करवाने का प्रयास किया किन्तु उसको एक बार फिर पराजय का सामना हुआ। 

राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने पश्चिमी देशों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि तुम्हें यमन की जनता की चिंता है तो सऊदी सरकार को आम विनाश फैलाने वाले बमों और हथियारों की सप्लाई बंद करो और सऊदियों पर, यमन की अत्याचार ग्रस्त जनता तक खाद्य पदार्थ और दवाएं पहुंचाने का रास्ता खोलने के लिए दबाव डालो।

उन्होंने ईरान की मीज़ाइल क्षमता के बारे में कहा कि ईरान अपनी रक्षा और मीज़ाइल क्षमता के लिए न किसी से अनुमति लेगा और न ही किसी से वार्ता करेगा। 

उन्होंने कहा कि ईरानी जनता अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा में पूरी शक्ति के साथ प्रतिरोध जारी रखेगी। राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक सामने वाले पक्षों की ओर से संयुक्त समग्र कार्य योजना या जेसीपीओए का उल्लंघन नहीं होगा, ईरान इस समझौते पर प्रतिबद्धता जारी रखेगा किन्तु यदि दूसरे पक्ष ने परमाणु समझौता तोड़ा तो जवाब देने के लिए ईरान के पास बहुत से रास्ते मौजूद हैं। (AK)