प्रतिरोध के मोर्चे के मुक़ाबले में दुश्मन अक्षमः वरिष्ठ नेता
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने बल दिया है कि आज सीरिया अग्रिम पंक्ति में है, इसीलिए हमारा दाायित्व है कि सीरिया के प्रतिरोध का समर्थन करें।
गुरुवार को सीरिया के वक़्फ़ मंत्री अब्दुस्सत्तार सैयद के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधि मंडल ने इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में वरिष्ठ नेता ने कहा कि सीरिया के राष्ट्रपति श्रीमान बश्शार असद एक संघर्षकर्ता छवि के रूप में उभरे हैं और इस बात में संदेह नहीं है कि एक राष्ट्र के लिए यह संघर्ष बहुत ही महत्वपूर्ण है।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि यदि देशों के राष्ट्राध्यक्ष और राष्ट्र, कड़े प्रतिरोध का प्रण कर लें तो फिर शत्रु कुछ भी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इस समय सीरिया प्रतिरोध के मोर्चे की अग्रिम पक्ति पर मौजूद है इसलिए हमें सीरिया का समर्थन करना चाहिए।
प्रतिरोध के शत्रुओं ने मार्च 2011 से सीरिया की जनता के समर्थन के बहाने, ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले के प्रतिरोधक मोर्चे के रूप में सीरिया में भीषण षड्यंत्र शुरु कर दिए। सीरिया, इस्राईल के विस्तारवाद और ग्रेटर मिडिल ईस्ट की अमरीका और उसके घटकों की योजना के मुक़ाबले में मज़बूत दुर्ग है और यही कारण है कि यह देश किराए के आतंकवादियों और उसके समर्थकों के प्राॅक्सी वाॅर का शिकार हो गया।
दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से आतंकवादियों को सीरिया पहुंचाना और उनकी वित्तीय व सामरिक सहायता करने के पीछे एक महत्वपूर्ण लक्ष्य था और वह सीरिया की स्वतंत्र व्यवस्था और उसके क़ानूनी राष्ट्रपति की सत्ता को समाप्त करनाा था ताकि वह इस प्रकार से प्रतिरोध के मोर्चे के दुश्मनों के लिए रास्ता साफ़ कर सकें।
दुश्मन को यही सोच रहे कि कुछ ही दिन के भीतर वह बश्शार असद की सरकार का तख़्ता उलट देंगे और सीरिया की व्यवस्था बदल देंगे किन्तु सीरिया की जनता और सरकार के प्रतिरोध ने दुश्मनों के सारे समीकरणों को ही बदल दिया और उन्होंने बड़ी शक्तियों के सारे षड्यंत्रों पर पानी फेर दिया।
आज सीरिया इसी प्रतिरोध के कारण जिसका ईरान व्यापक रूप से समर्थन कर रहा है, इस्लाम के दुश्मनों से संघर्ष की अग्रिम पंक्ति में है और यही बात है जिसकी ओर इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इशारा किया है। (AK)