कभी भी ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा अधिक दिनों तक नहीं चल सकता
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि दूसरों की धरती पर ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा अधिक दिनों तक जारी नहीं रह सकता।
इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू के ईरान विरोधी बयान का जवाब देते हुए जवाद ज़रीफ़ ने मंगलवार को कहा कि नेतनयाहू जो भी दावा करते रहे सच्चाई यह है कि ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा क्षेत्र में अधिकतर समस्याओं की जड़ है।
ज़ायोनी प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने अमरीका इस्राईल समिति आइपैक की बैठक में कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान क्षेत्र के लिए ख़तरा है।
नेतनयाहू ने अमरीकी दूतावास तेल अबीब से बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित करने के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के फ़ैसले तथा उनकी ईरान विरोधी नीतियों की सराहना की।
अमरीकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नाएर्ट ने गत 23 फ़रवरी को कहा कि 14 मई को अमरीका का दूतावास तेल अबीब से बैतुल मुक़द्दस स्थानान्तरित कर दिया जाएगा। 14 मई की तारीख़ फ़िलिस्तीन की धरती पर ग़ैर क़ानूनी रूस से इस्राईल की स्थापना की तारीख़ है जिसे फ़िलिस्तीनी दुर्भाग्य दिवस के रूप में मनाते हैं।
बैतुल मुक़द्दस शहर पर इस्राईल का ग़ैर क़ानूनी क़ब्ज़ा है यह शहर इस्लामी, ईसाई तथा यहूदी धर्मों का पवित्र स्थल है। इस शहर में मस्जिदुल अक़सा है, मुसलमान काबे से पहले इसी मस्जिद की ओर रुख़ करके नमाज़ अदा करते थे।
वर्ष 1967 में इस्राईल ने इस शहर पर क़ब्ज़ा कर लिया था।
इस्लामी गणतंत्र ईरान ने हमेशा फ़िलिस्तीन की जनता का समर्थन किया है और फ़िलिस्तीनी धरती पर अवैध रूप से क़ब्ज़ा करके बनाए गए इस्राईल को मान्यता नहीं देता।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के सैद्धांतिक और अटल दृष्टिकोण से अमरीका और इस्राईल के अधिकारी हमेशा नाराज़ रहते हैं।