परमाणु समझौते से निकलना अमरीका के लिए दर्दनाक होगाः विदेशमंत्री
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि यदि अमरीका ने परमाणु समझौते से निकलने की ग़लती की तो यह वाशिंग्टन के लिए दर्दनाक ग़लती होगी।
श्री जवाद ज़रीफ़ ने आज़रबाइजन गणराज्य से स्वदेश वापसी पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ड्रोनल्ड ट्रम्प जब से अमरीका के राष्ट्रपति बने हैं, यहां तक कि राष्ट्रपति बनने से पहले भी उन्होंने परमाणु समझौते को समाप्त करने बहुत प्रयास किया और इन कालों में अमरीका ने परमाणु समझौते का व्यापक स्तर पर उल्लंघन किया है।
विदेशमंत्री ने कहा है कि तेहरान ने परमाणु वार्ता के काल में विभिन्न परिस्थितियों के लिए स्वयं को तैयार किया था। उन्होंने कहा कि परमाणु समझौते या जेसीपीओए में पूर्ण रूप से यह बात लिखी गयी है कि यदि ईरान आर्थिक हितों को पूरा नहीं सका तो वह क्या कार्यवाही करेगा।
ज्ञात रहे कि ईरान और ब्रिटेन, फ़्रांस, रूस, चीन, अमरीका और जर्मनी पर आधारित गुट पांच धन एक के बीच जनवरी 2016 से परमाणु समझौते पर अमल शुरु हुआ था किन्तु इस समझौते के एक पक्ष के रूप में अमरीकी सरकार ने समझौते के क्रियान्वयन का उल्लंघन किया है। अमरीका अपनी समझ में परमाणु समझौते में सुधार चाहता है किन्तु ईरान ने हमेशा से बल दिया है कि इस अंतर्राष्ट्रीय समझौते से न तो शब्द निकलेगा और न ही इसमें एक शब्द बढ़ाया जाएगा। (AK)