यमन में होने वाले अपराधों का सीधा ज़िम्मेदार ब्रिटेन हैः ईरान
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने ईरान के विरुद्ध दो ब्रिटिश मंत्री के संयुक्त बयान में वर्णित आरोपों का खंडन करते हुए यमन में होने वाले युद्ध में ब्रिटेन की भूमिका की याद दिलाई और लंदन से मांग की है कि वह इस अवसरवादी हरकत छोड़ दे।
ज्ञात रहे कि ब्रिटेन के विदेशमंत्री बोरिस जाॅनसन और अंतर्राष्ट्रीय विकास मंत्री पेनी मारडेंड ने सोमवार को एक संयुक्त बयान में दावा किया कि ईरान, यमन में हथियार भेज रहा है।
ब्रिटेन ने हमेशा से अमरीका, फ़्रांस और सऊदी अरब के साथ हालिया महीनों में भरसक प्रयास किया ताकि ईरान पर यमन में हथियार भेजने का आरोप लगाएं किन्तु अभी तक उनकी योजनाएं विफल ही रही हैं।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने सोमवार की रात अपने बयान में कहा कि सऊदी अरब को हथियार देने और इस देश की सामरिक व गुप्तचर सहायता द्वारा यमन में जो अपराध हो रहे हैं उसका सीधा ज़िम्मेदार ब्रिटेन है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन इस स्थिति नहीं है कि वह दूसरों पर आरोप लगा सके।
ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बेहतर है कि लंदन, यमन की निहत्थी जनता पर थोपे गये युद्ध की ज़िम्मेदारी से भागने और दूसरों पर आरोप लगाने के बजाए इस अंधे युद्ध में अपने विस्तारवादी अवसरों को समाप्त कर दे।
श्री बहराम क़ासिमी ने बल दिया कि यदि ब्रिटेन, यमन संकट के लिए राजनैतिक समाधान की प्रप्ति पर आधारित अपने दावे में सच्चा है तो बेहतर है कि वह यमन के विरुद्ध युद्ध छेड़ने वाले गठबंधन के सबसे बड़े हथियारों के ख़रीदार से यमन युद्ध समाप्त करने और इस देश का परिवेष्टन समाप्त करने के लिए ताकि यमनी नागरिकों के बीच वार्ता की भूमि प्रशस्त हो सके। (AK)