शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों को हम फिर आरंभ कर सकते हैंः हसन रूहानी
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि जेसीपीओए में बाक़ी रहने के उद्देश्य से ट्रम्प को सहमत करने की जो क़ीमत चुकानी होगी उसका भुगतान यूरोप को ही करना होगा।
उन्होंने कहा कि यूरोप अगर यह चाहता है कि अमरीकी राष्ट्रपति को परमाणु समझौते में बाक़ी रखने के लिए राज़ी करे तो उसकी क़ीमत स्वयं यूरोप को ही चुकानी होगी। राष्ट्रपति रूहानी का कहना था कि जेसीपीओए में कुछ भी बढ़ाया या घटाया नहीं जा सकता।
उन्होंने बुधवार को पूर्वी आज़रबाइजान में एक संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया कि जेसीपीओए के संबन्ध में अमरीका तथा यूरोप के बीच परमाणु समझौते के बारे में चर्चा का ईरान से कोई संबन्ध नहीं है। राष्ट्रपति रूहानी ने पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान के हितों की पूर्ति नहीं हुई तो फिर कोई समझौता बाक़ी नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि जेसीपीओए के टूटने की स्थिति में ईरान के पास भी योजना है। हसन रूहानी का कहना था कि अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प को जान लेना चाहिए कि जेसीपीओए के टूटने की स्थिति में ईरान, बहुत तेज़ी से अपनी शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियां आरंभ कर देगा। उन्होंने कहा कि जेसीपीओए में किसी भी प्रकार का परिवर्तन स्वीकार्य नहीं है। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि वे देश जो परमाणु समझौते में परिवर्तन के पक्षधर हैं, उनको जान लेना चाहिए कि वे या तो जेसीपीओए को उसी तरह से स्वीकार करें जैसा वह है या फिर वे सब जा सकते हैं।