परमाणु समझौते में ईरान के हितों को सुनिश्चित बनाया जाएः राष्ट्रपति रूहानी
राष्ट्रपति रूहानी ने जेसीपीओए या परमाणु समझौते में ईरान के हितों को सुनिश्चित बनाए जाने पर बल दिया है।
डाॅक्टर हसन रूहानी ने रविवार की शाम ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे से टेलीफ़ोन पर बात करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ के पास परमाणु समझौते की रक्षा और ईरान के हितों को सुनिश्चित बनाने के लिए सीमित समय है। उन्होंने कहा कि तेल, गैस व पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री, बैंकिंग संबंध व पूंजी निवेश जैसे परमाणु समझौते से जुड़े अहम विषयों के बारे में ईरान के हितों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाना व सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। राष्ट्रपति ने इस बात पर बल देते हुए कि जेसीपीओए में दोनों पक्षों की कुछ कटिबद्धताएं हैं और यह बात स्वीकार नहीं की जा सकती कि केवल एक पक्ष अपनी कटिबद्धताओं का पालन करता रहे, कहा कि ईरान परमाणु समझौते का पालन करके अपने राष्ट्रीय हितों की पूर्ति का इच्छुक है और खेद की बात है कि इस समझौते के दूसरे पक्ष अपनी कटिबद्धताएं पूरी करने में संतोषजनक काम नहीं कर रहे हैं।
डाॅक्टर रूहानी ने वर्ष 2003 से लेकर जेसीपीओए की मंज़ूरी तक चलने वाली वार्ता में ब्रिटेन की भूमिका की तरफ़ इशारा किया और कहा कि इस समझौते से अमरीका का बाहर निकलना ग़ैर क़ानूनी, दायित्वहीन और संयुक्त राष्ट्र संघ की सुूरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 2231 के विरुद्ध क़दम है। उन्होंने क्षेत्र में शांति व सुरक्षा को मज़बूत बनाने में जेसीपीओए की भूमिका को अत्यंत अहम बताया और कहा कि इस समझौते से अमरीका के निकलने के बाद जो भी स्थिति सामने आएगी, उसके लिए अमरीका ही ज़िम्मेदार होगा।
इस टेलीफ़ोनी वार्ता में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने भी सभी पक्षों की ओर से परमाणु समझौते के पालन और रक्षा पर बल देते हुए कहा कि यूरोपीय संघ का लक्ष्य जेसीपीओए को बाक़ी रखना है और लंदन अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिल कर इसे बाक़ी रखने और इसके अनुसार ईरान के हितों को सुनिश्चित बनाने की पूरी कोशिश करेगा। (HN)