अमरीकी दूतावास का स्थानांतरण, ज़ायोनी शासन के विनाश की भूमिकाः विलायती
अली अकबर विलायती ने कहा है कि अमरीकी दूतावास का तेलअवीव से बैतुलमुक़द्दस स्थानांतरण, ज़ायोनी शासन के विनाश की भूमिका है।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के सलाहकार अली अकबर वेलायती का कहना है कि मुसलमानों के पवित्रतम स्थल में अमरीकी दूतावास की मौजूदगी बताती है कि ज़ायोनी शासन का अंत निकट आ पहुंचा है। उन्होंने ज़ायोनियों के हाथों फ़िलिस्तीनी बच्चों की हत्या और आम लोगों के जनसंहार की ओर संकेत करते हुए कहा कि फ़िलिस्तीनी लंबे समय से ज़ायोनी शासन के मुख्य समर्थक अमरीका और उसके घटकों के मुक़ाबले में प्रतिरोध करते आए हैं।
अली अकबर विलायती ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीकी सरकार, सदा से विश्व में शांति एवं सुरक्षा के पक्षधर होने का दावा करती रहती है, कहा कि यह देश, सदैव से विश्व शांति एवं सुरक्षा के लिए ख़तरा उत्पन्न करता आया है। उन्होंने कहा कि अमरीकी दूतावास का तेलअवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरण इसकी स्पष्ट मिसाल है।
उल्लेखनीय है कि अमरीका ने सोमवार 14 मई को अपने दूतावास को तेलअवीव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित किया जिसका विश्वस्तर पर विरोध किया जा रहा है। ज़ायोनी शासन के सैनिकों ने विरोध करने वाले 59 फ़िलिस्तीनियों की गोली मारकर हत्या कर दी तथा 2000 फ़िलिस्तीनियों को घायल कर दिया।