इस्लामी देश, ज़ायोनी शासन के अत्याचारों का ठोस जवाब दें, राष्ट्रपति रूहानी
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि इस्लामी देशों को ओआईसी के इंस्ताबूल में आयोजित होने वाली अपातकालीन बैठक में , फिलिस्तीन की पीड़ित जनता के विरुद्ध ज़ायोनियों के अपराधों का कड़ा उत्तर देना चाहिए।
इस्लामी सहयोग संगठन के विशेषज्ञों का सम्मेलन, इस्तांबूल में गुरुवार को आरंभ हो गया और शुक्रवार को पहले सदस्य देशों के विदेशमंत्रियों और राष्ट्रध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित होगा।
राष्ट्रपति हसन रुहानी ने गुरुवार को क़तर नरेश शेख तमीम बिन हमद आले सानी से टेलीफोनी वार्ता में रमज़ान के महीने की बधाई देते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान , क़तर की घेराबंदी को गलत और अन्यायपूर्ण मानता है और मित्र व पड़ोसी देश के रूप में क़तर के साथ संबंध विस्तार का स्वागत करता है।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरानी सरकार और जनता विभिन्न परिस्थितिथियों में क़तर की सरकार और जनता के साथ रही है और रहेगी।
राष्ट्रपति हसन रुहानी ने जेसीपीओए से निकलने के ट्रम्प के एक तरफा क़दम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अमरीका और ईरान के साथ वार्ता करने वाले अन्य देशों के हित में नहीं है और हमें इस बात की खुशी है कि विश्व के अधिकांश देशों ने अमरीकियों के इस क़दम को स्वीकार नहीं किया और उसकी आलोचना की।
इस टेलीफोनी वार्ता में क़तर के नरेश शेख तमीम बिन हमद आले सानी रमज़ान की बधाई दी और दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए संकट के समय में ईरान के रुख की सराहना की
क़तर नरेश ने दूतावास बैतुलमुक़द्दस स्थानान्तरित करने के अमरीकी सरकार के क़दम की आलोचना करते हुए कहा कि ओआईसी के नेताओं के लिए इस्तांबूल सम्मेलन क्षेत्रीय समस्याओं और मुद्दों के बारे में वार्ता का बड़ा अच्छा अवसर है। (Q.A.)