फ़िलिस्तीनी नर्स की शहादत, ज़ायोनी शासन के लिए अधिक बड़ा कलंक
विदेश मंत्री ने ग़ज़्ज़ा पट्टी में एक फ़िलिस्तीनी नर्स की शहादत को ज़ायोनी शासन के लिए एक और कलंक बताया है।
मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अपने एक ट्वीट में ज़ायोनी के हाथों फ़िलिस्तीनी जनता के जनसंहार की निंदा में संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में पेश किए गए एक प्रस्ताव को अमरीका की ओर से वीटो किए जाने की ओर संकेत करते हुए कहा है कि उस हफ़्ते में जिसमें ज़ायोनी शासन ईरानियों के लिए मूर्खतापूर्ण संदेश भेजता है और इसी के साथ उसके अमरीकी समर्थक,निहत्थे फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ घातक बल के इस्तेमाल की निंदा वाले प्रस्ताव को वीटो कर देते हैं, इस्राईली स्नाइपर, घायलों की मदद करने वाली एक फ़िलिस्तीनी नर्स को शहीद कर देते हैं, इसका अर्थ है कलंक पर कलंक।
ज्ञात रहे कि शुक्रवार को वापसी मार्च पर ज़ायोनी सेना के हमलों में घायल होने वालों का प्राथमिक उपचार करने वाले रज़ान अन्नज्जार नामक नर्स ज़ायोनी सैनिकों की फ़ायरिंग में शहीद हो गए। शुक्रवार को ही कुवैत की ओर से संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में पेश किए गए एक प्रस्ताव को अमरीका ने वीटो कर दिया जिसमें अतिग्रहित क्षेत्रों में ज़ायोनी सैनिकों के अपराधों की निंदा की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 मत पड़े थे लेकिन अमरीका ने इसे वीटो कर दिया। (HN)