यदि दुश्मन ने एक मीज़ाइल मारा तो दस खाएगाः वरिष्ठ नेता
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी को श्रद्धांजलि पेश करते हुए कहा कि इमाम ख़ुमैनी की इच्छा के अनुसार ईरान की इस्लामी व्यवस्था दिन प्रतिदिन विकास करता जा रहा है और दुश्मनों को अपनी योजनाओं में हमेशा विफलता का मुंह देखना पड़ेगा।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थापक की 29वीं बरसी के विशाल समूह को संबोधित करते हुए इमाम ख़ुमैनी को बेहतरीन शब्दों में श्रद्धांजलि पेश की और कहा कि इमाम ख़ुमैनी महानता के शिखर पर थे और आपने ढाई हज़ार वर्षीय अत्याचारी शाही सरकार को समाप्त कर दिया और इस्लामी क्रांति को कमज़ोर करने की अमरीका की सभी कोशिशों को विफल बना दिया और यहां तक कि थोपे गये युद्ध के षड्यंत्रों पर भी पानी फेर दिया।

उन्होंने फ़िलिस्तीन के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरानी राष्ट्र फ़िलिस्तीनियों के साथ खड़ा रहा है और इस वर्ष का विश्व क़ुद्स दिवस अतीत से कहीं अधिक भव्य रूप में मनाया जाएगा। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से ईरानी जनता इमाम ख़ुमैनी को याद कर रही है और उन्हें श्रद्धांजलि पेश कर रही है और वह हमेशा अपने नेता को याद करती रहेगी क्योंकि इमाम ख़ुमैनी क्रांति का चिन्ह हैं और यह देश क्रांति जैसी शक्ति के बिना अपने लक्ष्यों और उच्च आकाक्षाओं को प्राप्त नहीं कर पाएगा।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इमाम ख़ुमैनी के ईमान और विश्वास का उल्लेख करते हुए कहा कि समस्त समस्याओं के बावजूद इमाम ख़ुमैनी के दृष्टिकोण में तनिक भी परिवर्तन नहीं आया। वरिष्ठ नेता ने कहा कि इमाम ख़ुमैनी की सबसे बड़ी सफलता यह है कि उन्होंने इस्लामी व्यवस्था को मजब़ूत किया और उनकी बहुत सी इच्छाएं और आकाक्षाएं उनके स्वर्गवास के बाद पूरी हुईं जिनमें देश का आत्मविश्वास व आत्मनिर्भरता, शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में ईरान की प्रगति और विकास तथा पश्चिमी एशिया और उत्तरी अफ़्रीक़ा जैसे व्यापक क्षेत्र में ईरान का प्रभाव शामिल है।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी व्यवस्था से दुश्मन की दुश्मनी और नाराज़गी का कारण यही है कि इस्लामी व्यवस्था दुश्मनों के मुक़ाबले में पूरी तरह डटी हुई है।

उन्होंने देश में परमाणु क्षमता के क्षेत्र में होने वाली प्रगति को ईरान के लिए गौरवपूर्ण बताया और इस मार्ग में दुश्मनों की ओर से खड़ी की गयीं रुकावटों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब हमें रोगियों के उपचार के लिए 20 प्रतिशत संवर्धित यूरेनियम दूसरों से प्राप्त करना हुआ तो उन्होंने हमारे सामने भांति भांति की शर्तें रखीं और इस स्थिति का दुरुपयोग करने का प्रयास किया, एेसे में इस्लामी गणतंत्र ईरान ने अपने योग्य वैज्ञानिकों और युवाओं पर भरोसा करके स्वयं देश के भीतर 20 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धित किया।
वरिष्ठ नेता ने ईरानी वैज्ञानिकों और युवाओं की क्षमताओं पर बल देते हुए कहा कि दुश्मनों ने ईरानी युवाओं की क्षमताओं पर प्रश्न चिन्ह लगाने के लिए यह प्रोेपेगैंडा शुरु कर दिया कि यह क्षमताएं क्षेत्र में तनाव का कारण बन रही हैं जबकि यह क्षमताएं केवल और केवल विकास व प्रगति की गैरेंटी हैं।

आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने ईरान की मीज़ाइल क्षमता की रक्षा पर बल देते हुए कहा कि ईरानी जनता ने अतीत के अनुभवों से पाठ सीखते हुए स्वयं को क्षेत्र में मीज़ाइल क्षमता के मैदान में सबसे ऊपर कर लिया है और दुश्मन को इस बात का विश्वास हो गया है कि यदि वह एक मारेगा तो दस खाएगा।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता कहा कि ईरान की मीज़ाइल क्षमता पूरी तरह रक्षा के लिए है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस्लामी गणतंत्र ईरान की ओर से न्यायप्रेम की आवाज़ उठाए जाने को ईरान की प्रतिष्ठा और सम्मान का कारण बताया और कहा कि यदि आज ईरान, अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में अत्याचारग्रस्त फ़िलिस्तीनियों और इसी प्रकार दाइश सहित आतंकवादी गुटों के मुक़ाबले में क्षेत्र के देशों का समर्थन कर रहा है तो यह पूरे क्षेत्र की रक्षा है और साथ ही ईरान के लिए प्रतिष्ठा और सम्मान का कारण है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के वरिष्ठ नेता ने परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने के बाद की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ यूरोपीय सरकारें यह आशा कर रही थीं कि ईरानी जनता प्रतिबंधों को भी सहन करे और परमाणु गतिविधियां भी छोड़ दे किन्तु मैं उन सरकारों से यह कहना चाहता हूं कि यह सपना कभी भी पूरा नहीं हो सकेगा।

वरिष्ठ नेता कहा कि एेसा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है कि यदि इस स्थिति को स्वीकार न किया गया तो युद्ध हो जाएगा किन्तु मैं कहना चाहता हूं कि एेसा नहीं होगा, यह केवल एक मनोवैज्ञानिक युद्ध है। उन्होंन कहा कि दुश्मन अभी तक अपनी योजनाओं में विफल रहा और भविष्य में भी विफल रहेगा। (AK)