इस्राईल कभी स्वंय को सुरक्षित नहीं समझ सकता, राष्ट्रपति रूहानी
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इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि इस्राईल कभी यह महसूस नहीं कर सकता है कि वह सुरक्षित है और उसे यह जान लेना चाहिए कि वह हमेशा अत्याचारी और अन्य लोगों की भूमि का अतिग्रहण करने वाला है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun ०८, २०१८ ०८:३७ Asia/Kolkata
  • इस्राईल कभी  स्वंय को सुरक्षित नहीं समझ सकता, राष्ट्रपति रूहानी

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि इस्राईल कभी यह महसूस नहीं कर सकता है कि वह सुरक्षित है और उसे यह जान लेना चाहिए कि वह हमेशा अत्याचारी और अन्य लोगों की भूमि का अतिग्रहण करने वाला है।

राष्ट्रपति हसन रुहानी ने शुक्रवार प्रातः काल, शंघाई सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन यात्र से पहले , तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर पत्रकारों से वार्ता में कहा कि सब से पहले मैं, महत्वपूर्ण दिन, विश्व कुद्स दिवस का उल्लेख करूंगा तो इमाम खुमैनी की यादगार है।

उन्होंने कहा कि आज विश्व के राष्ट्र यह घोषणा कर रहे हैं कि बैतुलमुक़द्दस  और पूरे फिलिस्तीन की स्वतंत्रता, सब ही इच्छा व आकांक्षा है और इसे लक्ष्य को कभी भुलाया नहीं जाएगा।

राष्ट्रपति डॅाक्टर हसन रूहानी ने इसी प्रकार शंघाई सम्मेलन का उद्देश्य, इलाक़े में शांति स्थापना के लिए सहयोग बताया और कहा कि आतंकवाद और क्षेत्र में स्थिरता वह विषय हैं जिन पर इस सम्मेलन में चर्चा होगी और ईरान चरमपंथ और आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध का अच्छा अनुभव रखता है। 

राष्ट्रपति ने कहा कि इस सम्मेलन में अमरीका की मनमानी पर भी चर्चा होगी । उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के लिए फैसला करने की अमरीकी इच्छा, कोरी कल्पना है और दुनिया के हर देश को यह समझना चाहिए कि अमरीका की शैली अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए बेहद घातक है और इससे अंतरराष्ट्रीय नियम कमज़ोर होते हैं इस लिए चुप नहीं बैठना चाहिए। 

राष्ट्रपति ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि चीन यात्रा के दौरान, चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भेंट करेंगे, यह आशा प्रकट की है कि यह यात्रा पर क्षेत्र की सुरक्षा और अन्य देशों से ईरान के संबधों के लिए लाभदायक सिद्ध हो। 

शंघाई सहयोग संगठन का सम्मेलन 9-10 जून को आयोजित हो रहा है। 

शंघाई सहयोग संगठन का वर्ष 2001 में गठन हुआ था। चीन , रूस, क़ाजे़किस्तान , क़िर्गिज़िस्तान, ताजेकिस्तान और उज़बेकिस्तान  इस संगठन के स्थायी सदस्य हैं। ईरान निरीक्षक देश के रूप में  इस संगठन का सदस्य है। (Q.A.)