ईरान और चीन समस्त रणनैतिक क्षेत्रों में सहयोग जारी रखेंगेः रूहानी + फ़ोटो
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने समस्त क्षेत्रों में रणनैतिक सहयोग जारी रखने पर बल दिया है।
राष्ट्रपति रूहानी ने रविवार को चिंगदाउ शहर ईरान और चीन के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मंंडल की बैठक में और चीन राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात में चीन को ईरान का पहला व्यापारिक भागीदार बताया और कहा कि दोनों देशों की नेश्नील करेंसी से व्यापार, द्विपक्षीय सहयोग की प्रक्रिया को जारी रखने का कारण बनेगा और बैंकिंग सहयोग में विस्तार, दोनों देशों के बीच होने वाले समझौतों को क्रियान्वित करने और सहयोग के स्तर को विस्तृत करने का माध्यम बनेगा।

राष्ट्रपति रूहानी ने इसी प्रकार परमाणु समझौते को सफल बनाने में चीन की महत्वपूर्ण भूमिका की ओर संकेत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में परमाणु समझौते को मज़बूत बनाने और इसके समस्त पक्षों द्वारा वचनों के क्रियान्वन में बीजिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने यह बयान करते हुए कि ईरान, ऊर्जा क्षेत्र में चीनी कंपनियों के पूंजीनिवेश, यातायात, उद्योग, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग का स्वागत करता है, कहा कि आतंकवाद, चरमपंथ और तस्करी से संघर्ष के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता के लिए प्रभावी है और सहयोग की यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

इस मुलाक़ात में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ईरान की प्रभावी उपस्थिति को शंघाई सहयोग संगठन के अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव के मज़बूत होने का कारण बताया और कहा कि आर्थिक क्षेत्र में रणनैतिक समझौते के क्रियान्वयन के लिए दोनों देशों के संकल्प से द्विपक्षीय विश्वास में वृद्धि का पता चलता है।

चीनी राष्ट्रपति ने परमाणु समझौते को बहुत बड़ी बहुपक्षीय उपलब्धि तथा क्षेत्रीय सहयोग और शांति की गैरेंटी बताया और कहा कि अमरीका एकपक्षीय वाद और अंतर्राष्ट्रीय समझौतों और नियमों की अनदेखी करते हुए अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को अपनी मनमानी व्यवस्था में बदलने के प्रयास में है।

इससे पहले ईरान और चीन ने परस्पर द्विपीक्षय संबंधों में विस्तार के चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए ।
ईरान - चीन सहयोग के इन समझौतों पर रविवार को चीन के चिंगदाउ शहर में हस्ताक्षर किए गये, इस अवसर पर दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी मौजूद थे। इन समझौतों के अंतर्गत ईरान और चीन संयुक्त शोध, मादक पदार्थों की पैदावार और उसकी तस्करी की रोकथाम के क्षेत्रों में एक दूसरे के साथ सहयोग विस्तृत करेंगे।

एक समझौते के अंतर्गत ईरान और चीन की स्टाक मार्केटें भी एक दूसरे के साथ तकनीकी और व्यापारिक अनुभवों का आदान प्रदान करेंगी। ईरान और चीन ने सिल्क रोक को दोबारा शुरु करने के बारे में भी द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
ज्ञात रहे कि राष्ट्रपति रूहानी 18वें शंघाई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ चीन के दौरे पर हैं। (AK)