आम नागरिकों पर सऊदी गठबंधन के हमले भारी निराशा का प्रमाण हैं
इस्लामी गणतंत्र ईरान ने यमन के अलग अलग शहरों पर सऊदी अरब इमारात के सैनिक गठजोड़ द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है जिनमें आम नागरिक बच्चे और महिलाएं निशाना बनी हैं।
हमलों में उन बसों को भी निशाना बनाया गया जो तटीय शहर हुदैदा से शरणार्थियों को लेकर सअदा की ओर जा रही थीं। लड़ाई के कारण जान बचाकर भागने वाले आम नागरिकों पर हमले को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने हमलावर देशों की निराशा का प्रमाण बताया जो यमन पर सैनिक चढ़ाई का कोई भी लक्ष्य पूरा नहीं कर पाए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बड़े खेद की बात है कि सऊदी अरब और इमारात का गठजोड़ ग़रीब देश यमन पर हमले कर रहा है और पश्चिमी देश इस गठजोड़ को भारी मात्रा में हथियार सप्लाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के देशों और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को चाहिए कि सऊदी अरब और इमारात के हमलों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस क़दम उठाएं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि आम नागरिकों पर हमले, आवासीय इलाक़ों पर बमबारी, मानवीय सहायता का रास्ता रोकना सब मानवाधिकारों का हनन है और संयुक्त राष्ट्र संघ की ज़िम्मेदारी है कि यमन पर जरी हमले रुकवाने के लिए अपने प्रयास तेज़ करे।