क्षेत्रीय शक्तियों के बीच वार्ता, मध्यपूर्व की समस्याओं का समाधान हैः ख़र्राज़ी
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ईरान की विदेशी संबंध परिषद के प्रमुख ने क्षेत्रीय शक्तियों के बीच वार्ता को मध्यपूर्व की समस्याओं के समाधान का मार्ग बताते हुए कहा है कि ईरान, तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब को क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए वार्ता करनी चाहिए।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jun २७, २०१८ १३:४७ Asia/Kolkata
  • क्षेत्रीय शक्तियों के बीच वार्ता, मध्यपूर्व की समस्याओं का समाधान हैः ख़र्राज़ी

ईरान की विदेशी संबंध परिषद के प्रमुख ने क्षेत्रीय शक्तियों के बीच वार्ता को मध्यपूर्व की समस्याओं के समाधान का मार्ग बताते हुए कहा है कि ईरान, तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब को क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए वार्ता करनी चाहिए।

कमाल ख़र्राज़ी ने, तेहरान में ईरान व फ़्रान्स के भूराजनैतिक संबंधों की चर्चा की बैठक में कहा कि यमन संकट के समाधान का मार्ग क्षेत्रीय शक्तियों की आपस में वार्ता और राष्ट्र संघ द्वारा इस संबंध में अधिक गंभीर भूमिका निभाना है। उन्होंने कहा कि यमन में झड़पों की समाप्ति की पहली शर्त यह है कि इस देश पर हमला करने वालों को यूरोप की ओर से हथियार देना बंद किया जाए। उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि ईरान व फ़्रान्स को क्षेत्रीय मामलों में संयुक्त बिंदुओं से लाभ उठा कर शांति व स्थिरता की स्थापना के लिए कोशिश करनी चाहिए, कहा कि क्षेत्र की नई सच्चाइयों के संबंध में नए दृष्टिकोण आवश्यक हैं।

 

ईरान की विदेशी संबंध परिषद के प्रमुख ने सीरिया संकट की ओर भी संकेत किया और कहा कि सीरिया में आतंकवाद के समर्थक देशों की एक अहम ग़लती इस देश का भविष्य अपने हाथ में लेने के लिए आतंकियों को हथियार और पैसा देना था लेकिन इसका नतीजा यूरोपीय देशों के लिए ख़तरों के रूप में सामने आया। कमाल ख़र्राज़ी ने कहा कि अगर सीरिया व इराक़ के निमंत्रण पर इन देशों में सैन्य परामर्श के लिए ईरान की उपस्थिति न होती तो आज दाइश पूरे यूरोप में अशांति फैला देता। (HN)