ईरान के मिसाइल कार्यक्रम से नेटो की चिंता निराधार, विदेशमंत्रालय
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने नेटो के बयान पर प्रतक्रिया प्रकट करते हुए कहा है कि निश्चित रूप से ईरान के मिसाइल कार्यक्रम की ओर से निराधारा चिंता प्रकट किये जाने से इस्लामी गणतंत्र ईरान की रक्षात्मक मिसाइल कार्यक्रम पर कोई प्रभाव पड़ने वाला नहीं है।
याद रहे नेटो के सदस्य देशों ने बुधवार को अपने एक सम्मेलन में बयान जारी करके ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और उसकी क्षेत्रीय भूमिका पर चिंता प्रकट की।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने गुरुवार को अपने एक बयान में कहा है कि नेटो के सदस्य देशों को , जिन्हें निश्चित रूप से ईरान द्वारा अपने वचनों की प्रतिबद्धता के बारे में आईएईए के ओर से बार बार की जाने वाली पुष्टि की जानकारी होगी, अमरीकी अधिकारियों को खुश करने के बजाए, अपने एक सदस्य द्वारा जेसीपीओए सहित कई अंतरराष्ट्रीय समझौतों और नियमों के उल्लंघन पर चिंतित होना चाहिए।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान का मिसाइल कार्यक्रम न केवल यह कि प्रस्ताव नंबर 2231 का उल्लंघन नहीं है बल्कि पूरी तरह से सामान्य और रक्षात्मक है और ईरान को भी विश्व के अन्य स्वाधीन देशों की तरह अपने देश व जनता की सुरक्षा के लिए प्रचलित सैन्य व रक्षात्मक कार्यक्रमों को चलाने का अधिकार है।
विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासेमी ने क्षेत्र में ईरान की भूमिका के बारे में कहा कि ईरान , सदैव पड़ोसी देशों के साथ क्षेत्रीय सहयोग व वार्ता का इच्छुक रहा है और पड़ोसियों के साथ सहयोग व वार्ता के हर अवसर से लाभ उठाता है।
उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने, नेटो के कुछ सदस्य देशों की ओर से आतंकवाद के खिलाफ युद्ध के लिए दिखावटी व प्रभावहीन गठबंधन बनाए जाने से बहुत पहले, सूझबूझ व अथक प्रयासों द्वारा पाले गये विदेशी आतंकवादियों के खिलाफ संघर्ष आरंभ किया और अन्ततः ईरान ने इलाक़े में दाइश जैसे खतरनाक आतंकवादियों की सत्ता के अंत मेें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। (Q.A.)