ईरान ने अमरीका को पीछे हटने पर किया विवशः वरिष्ठ नेता
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इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र ने अमरीका को पीछे हटने पर विवश कर दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ०९, २०१८ १०:५२ Asia/Kolkata
  • ईरान ने अमरीका को पीछे हटने पर किया विवशः वरिष्ठ नेता

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र ने अमरीका को पीछे हटने पर विवश कर दिया है।

ईरान के सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर ने कहा कि अमरीका के मुक़ाबले में ईस्लामी गणतंत्र ईरान के प्रतिरोध ने यह सिद्ध कर दिया कि अगर कोई राष्ट्र वर्चस्ववादियों की धमकियों से न डरे और अपनी क्षमताओं पर भरोसा करे तो फिर वह महाशक्तियों को भी परास्त कर सकता है।

आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने रविवार की सुबह नौशहर के कैडिट काॅलेज के एक कार्यक्रम में क्षेत्र के लिए अमरीका की मतभेद फैलाने वाली और अस्थिरता पैदा करने वाली कार्यवाहियों का उल्लेख किया।  उन्होंने कहा कि वर्चस्ववादियों विशेषकर अमरीका के हित क्षेत्र में गृह युद्ध उत्पन्न करने, आतंकवादी कार्यवाहयियों को फैलाने और क्षेत्र में अशांति उत्पन्न करने में निहित हैं।  वरिष्ठ नेता ने कहा कि बड़े खेद की बात है कि कुछ क्षेत्रीय देश इन कामों में उनकी सहायता करते हैं।

उन्होंने कहा कि अमरीका और अवैध ज़ायोनी शासन का मुख्य लक्ष्य, क्षेत्र में किसी भी इस्लामी शक्ति को उभरने से रोकना है।  वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनको भलिभांति पता है कि इस्लाम का आकर्षक संदेश, वंचितों का समर्थन करना है।  यही कारण है कि वे एेसी किसी भी प्रकार की शक्ति के सशक्त होने से बहुत भयभीत हैं।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने वर्चस्वसवादियों और अत्याचारियों के मुक़ाबले में इस्लामी गणतंत्र ईरान का कड़ा प्रतिरोध, क्षेत्र में वैश्विक अत्याचारियों के लक्ष्यों की विफलता का कारण बना है।  उन्होंने कहा कि राजनैतिक टीकाकार और वैश्विक मामलों के जानकार इस बात से आश्चर्चयकित हैं कि ईरान ने ईश्वर पर आस्था एवं राष्ट्रीय शक्ति पर भरोसा करते हुए क्षेत्र में महाशक्तियों को विफल बना दिया है।

आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने स्पष्ट किया कि पिछले 40 वर्षों से इस्लामी गणतंत्र ईरान, अमरीका और उसके घटकों का लक्ष्य रहा है।  उन्होंने कहा कि अब यह पौधा एक सशक्त वृक्ष बन चुका है।  उन्होंने कहा कि ईरान ने वर्चस्ववादियों की कार्यवाहियों के बावजूद राष्ट्रों के दिलों को क्रांति के संदेश की ओर आकृष्ट किया है।  इस प्रकार से उसने क्षेत्र में अमरीका के षडयंत्रों को पूरी तरह से विफल बना दिया है।

वरिष्ठ नेता ने सीरिया, इराक़ और लेबनान को क्षेत्र में अमरीका के षडयंत्रों की विफलता का नमूना बताते हुए कहा कि यह सब कुछ ईश्वर के उस सच्चे वादे की निशानियां हैं जिसमें वह कहता है कि अगर तुम ईश्वर की सहायता करोगे तो वह तुम्हारे क़दमों को स्थिर कर देगा।