जेसीपीओए की रक्षा के लिए युरोप के क़दम, संतोषजनक नहींं!
इस्लामी गणतंत्र ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा व विदेश नीति आयोग के प्रमुख ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि युरोप की ओर से परमाणु समझौते की रक्षा के पेश की जाने वाली राहें, स्थायी व विश्वस्नीय नहीं हैं कहा कि जेसीपीओए की रक्षा के लिए युरोप के अब के क़दम संतोषजनक नहीं रहे हैं।
हशमतुल्लाह फलाहत पीशे ने ईरान के साथ परमाणु समझौते की रक्षा के लिए पेमेंट की नयी राह खोजने पर आधारित जर्मनी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि, तेल के निर्यात , आर्थिक लेन देन व बैंकिंग संपर्क तथा ईरान में पुंजीनिवेश को बनाए रखना उन विषयों में शामिल हैं जिन पर परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने के बाद युरोपीय देशों ने चर्चा की है।
उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने के परिणाम में सामने आने वाली समस्याओं के निवारण के लिए युरोप अपनी पूरी क्षमता का प्रयोग नहीं कर रहा है, कहा कि युरोपीय संघ जेसीपीओए की सुरक्षा के लिए कुछ क़दमों में केवल अपने हितों को दृष्टि में रख रहा है।
फलाहत पीशे ने कहा कि युरोपीय यह कोशिश कर रहे हैं कि अमरीकी प्रतिबंधों को प्रभावहीन बनाने की प्रक्रिया में ईरान की पुंजी और उसकी ईरान वापसी कुछ इस प्रकार से हो कि उससे युरोपीय कंपनियों को लाभ मिले।
याद रहे, परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने के बाद इस समझौते की रक्षा के लिए युरोप और ईरान ने वार्ता आरंभ की है जिसके दौरान युरोप ने वचन दिया है कि वह ईरान के खिलाफ अमरीकी प्रतिबंधों को प्रभावहीन करने के लिए पैकेज पेश करेगा। (Q.A.)