ट्रम से मुलाक़ात का कोई कार्यक्रम नहींः रूहानी
डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि अमरीका यात्रा के दौरान उनका अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मिलने का कोई कार्यक्रम नहीं है।
ईरान के राष्ट्रपति ने एनबीसी को दिये साक्षात्कार में कहा कि मेरा ट्रम्प से मुलाकाता करने का कोई कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति ने एेसी स्थितियां ही नहीं बनने दीं जिससे वार्ता का वातावरण उत्पन्न होता।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ट्रम्प जैसा व्यक्ति यदि वार्ता के प्रति गंभीर होता तो उसे प्रतिबंधों और धमकी की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जब कोई भी सरकार, किसी अन्य सरकार के विरुद्ध अपनी पूरी क्षमता का प्रयोग करे तो उसका सीधा सा अर्थ यही निकलता है कि वह मामलों को वार्ता के माध्यम से हल करने के पक्ष में नहीं है। हसन रूहानी ने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति अन्तर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हुए परमाणु समझौते से एकपक्षीय रूप में निकल आए और उन्होंने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव क्रमांक 2231 को पैरों तले रौंद दिया। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत जबतक ईरानी राष्ट्र के हितों की पूर्ति होती रहेगी हम परमाणु समझौते में बने रहेंगे।
ईरान के राष्ट्रपति ने आतंकवाद के बारे में अमरीकी सरकार की वार्षिक रिपोर्ट में ईरान पर आतंकवाद के समर्थन के आरोप के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि शनिवार को ईरान के अहवाज़ में हुआ आतंकवादी हमला इसका स्पष्ट उदाहरण है जिससे पता चलता है कि अमरीकी दुष्प्रचारों के बावजूद ईरान, आतंकवाद की बलि चढ़ता रहा है। उन्होंने कहा कि जो देश यमन, इराक़ और सीरिया में आम लोगों की हत्या के लिए हथियार भेज रहे हैं वे कभी भी आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष का दावा नहीं कर सकते।
राष्ट्रपति रूहानी ने यमन और सीरिया के बारे में इस्लामी गणतंत्र ईरान की नीतियों के बारे में कहा कि सीरिया में ईरान के सैन्य सलाहकारों की उपस्थिति, दमिशक़ सरकार की मांग पर है और जब भी सीरिया की ओर से यह कह दिया जाएगा कि हमें उनकी आवश्यकता नहीं है तो हम भी वापस आ जाएंगे।