अर्जनटीना के राष्ट्रपति के बयान पर ईरान की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान, आतंकवाद के हर रूप की निंदा करता है।
बहराम क़ासेमी ने अर्जनटीना के राष्ट्रपति के दावे को रद्द करते हुए उसे वास्तविकता को तोड़ मरोड़ कर बताने वाला बताया। उन्होंने कहा कि आमिया विस्फोट की ईरान ने हमेशा निंदा करते हुए उसके प्रभावितों के प्रति सहानुभूति जताई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि आमिया विस्फोट की सच्चाई तक पहुंचने और अपनी सदभावना जताने के उद्देश्य से ईरान ने सन 2012 में संयुक्त राष्ट्रसंघ के माध्यम से अर्जनटीना के राष्ट्रपति की वार्ता के निमंत्रण को स्वीकार किया था। बाद में जनवरी 2013 में सहयोग के लिए एक समझौता भी हुआ था। उन्होंने कहा कि अर्जनटीना की सरकार ने उस समझौते को भी लागू नहीं किया जिसपर उसने स्वयं हस्ताक्षर किये थे।
बहराम क़ासेमी का कहना था कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, अब भी अर्जनटीना के अधिकारियों के साथ सार्थक वार्ता के लिए तैयार है और इसी उद्देश्य से उसने दोनो देशों के क़ानूनी अधिकारियों के बीच वार्ता की बात पेश की है।
उल्लेखनीय है कि सन 1994 में अर्जनटीना की राजधानी में यहूदियों के सांस्कृतिक केन्द्र में विस्फोट के कारण 85 लोग मारे गए थे। इस विस्फोट में 300 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद ज़ायोनी शासन तथा उसके समर्थकों ने इस घटना का आरोप ईरान पर लगाना आरंभ कर दिया।