ईरान को मिले तेल के नए ख़रिदार, अमेरिका की बढ़ी बेचैनी
एक ओर जहां अमेरिका अपनी पूरी ताक़त इस बात पर लगाए है कि उसके द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को दुनिया स्वीकार करे वहीं दूसरी ओर उसको हर दिन निराशा ही हाथ लग रही है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के उप राष्ट्रपति इस्हाक़ जहांगीरी ने कहा है कि अमेरिका का ईरान के तेल निर्यात को शून्य पर पहुंचाने का सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ईरानी तेल की बिक्री के लिए जहां उनके पुराने ग्रहक मज़बूती से अमेरिका के मुक़ाबले डटे हुए हैं वहीं उन्हें नए ग्राहक भी मिल गए हैं। इस्हाक़ जहांगीरी ने कहा कि हम अपने पारंपरिक सहयोगियों के साथ आपसी सहयोग के नए तरीक़ों को लेकर भी बातचीत कर रहे हैं।
ईरान के उप राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ हमारे पुराने ग्रहक ऐसे भी हैं जिन्होंने 4 नवंबर से पहले ही ईरानी तेल की ख़रीद को समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि ख़ुशी की बात यह है कि जितने ग्रहकों ने अमेरिका के दबाव में आकर तेल आयात को रोकने का निर्णय लिया है उससे कहीं ज़्यादा नए ग्रहक हमें मिल गए हैं। इस्हाक़ जहांगीरी ने कहा कि जिनपर प्रतिबंध लगता है वह उन प्रतिबंधों की समाप्ति के रास्तों को तलाशते हैं और इसीलिए हम अपने पारंपरिक सहयोगियों के साथ नए रास्तों को पैदा करने पर वार्ता कर रहे हैं।
ईरान के उप राष्ट्रपति इस्हाक़ जहांगीरी ने अंतर्राष्ट्रीय मंडियों में लगातार तेल की बढ़ती क़ीमतों का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका यह नहीं चाहता है कि तेल की क़ीमतों में वृद्धि हो लेकिन ऐसा होना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प यह सोचते हैं कि सऊदी अरब और दूसरे देश बिना ईरानी तेल के बढ़ती हुई क़ीमतों को रोक सकते हैं, लेकिन 4 नवंबर को अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले प्रतिबंधों से पहले ही तेल की क़ीमत 80 डॉलर प्रति बैलर पहुंच गई है।
ईरान के उप राष्ट्रपति ने कहा कि हम किसी के सपनो पर पाबंदी तो नहीं लगा सकते पर यह भी सच है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प का ईरान के तेल निर्यात को शून्य पर पहुंचाने का दावा एक ऐसा सपना है जिससे देख कर वह स्वयं ही डर रहे हैं। (RZ)