यूरोपीय संघ के साथ हमारा सहयोग जारी हैः ईरान
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया है कि यूरोपीय संघ के साथ ईरान का व्यापारिक लेनदेन सुचारू रूप में चल रहा है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov ०५, २०१८ १३:४५ Asia/Kolkata
  • यूरोपीय संघ के साथ हमारा सहयोग जारी हैः ईरान

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया है कि यूरोपीय संघ के साथ ईरान का व्यापारिक लेनदेन सुचारू रूप में चल रहा है।

बहमरा क़ासेमी ने सोमवार को तेहरान में संवाददाता सम्मेलन में देश के विरुद्ध अमरीकी प्रतिबंधों के बारे में कहा कि यह विषय एक प्रकार से स्वयं अमरीका के विरुद्ध प्रतिबंधों के अर्थ में है क्योंकि अमरीका, समस्त अन्तर्राष्ट्रीय समझौतों को पैरों तले रौंद रहा है।  उन्होंने कहा कि ईरान के विरुद्ध पुनः प्रतिबंधों ने दर्शा दिया कि अमरीका, अन्तर्राष्ट्रीय व्यवस्था के साथ काम नहीं कर सकता इसलिए वह अलग-थलग होता जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि ईरान के विरुद्ध अमरीकी प्रतिबंधों का संसार के कई देशों की ओर से साथ न देने के कारण यह प्रतिबंध मनोवैज्ञानिक युद्ध के अतिरिक्त कुछ और नहीं है।  उनका कहना था कि धैर्य की रणनीति तथा निर्धारित कार्यक्रमों और सरकारों के साथ सहकारिता से प्रतिबंधों को विफल बनाया जा सकता है।  उन्होंने कहा कि हालिया कुछ महीनों के दौरान अमरीकी राजनेता इस नतीजे पर पहुंच चुके हैं कि तेल के बाज़ार पर उनकी गुंडागर्दी नहीं चल सकती।  उन्होंने कहा कि कुछ देशों को ईरान से तेल आयात में छूट इसी विषय की पुष्टि करता है।

बहराम क़ासेमी ने इस प्रश्न के उत्तर में कि सीरिया संकट के संदर्भ में हाल ही में इस्तांबूल में आयोजित बैठक में तेहरान क्यों अनुपस्थित रहा कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान को इसके बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई।  उन्होंने कहा कि इस बैठक में ईरान के दो सहयोगी देश रूस और तुर्की मौजूद थे।  इस बैठक आस्ताना बैठक का ही अगला भाग थी।  ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि हर वह काम जो सीरिया की सरकार की मज़बूती और वहां की जनता के दुखों के कम होने का कारण बने वह सीरिया संकट के समाधान का भाग बन सकता है।

बहराम क़ासेमी ने विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ की हालिया पाकिस्तान यात्रा और पाकिस्तान के अधिकारियों की ओर से यमन संकट के समाधान के लिए मध्यस्थता के संदर्भ में कहा कि जवाद ज़रीफ़ की पाकिस्तान यात्रा, ईरान के अपहरित सीमा सुरक्षाबलों की स्वतंत्र कराने के प्रयासों का भाग था।  उन्होंने कहा कि इसी सफर में क्षेत्रीय परिवर्तनों विशेषकर यमन के बारे में भी बात हुई थी।  उनका कहना था कि ईरान हर उस प्रयास का स्वागत करता है जो यमन में शांति की स्थापना में सहायक हो।