अमेरिका के साथ दोबारा परमाणु वार्ता नहीं होगीः ज़रीफ़
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विदेशमंत्री ने ईरानी राष्ट्र और इस्लामी व्यवस्था से कुछ दुश्मनियों की ओर संकेत किया और कहा कि ईरान ने न केवल इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद चालिस वर्षों तक प्रतिरोध किया बल्कि सात हज़ार वर्षों तक प्रतिरोध किया और करता रहेगा
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov २३, २०१८ ०८:४५ Asia/Kolkata
  • अमेरिका के साथ दोबारा परमाणु वार्ता नहीं होगीः ज़रीफ़

विदेशमंत्री ने ईरानी राष्ट्र और इस्लामी व्यवस्था से कुछ दुश्मनियों की ओर संकेत किया और कहा कि ईरान ने न केवल इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद चालिस वर्षों तक प्रतिरोध किया बल्कि सात हज़ार वर्षों तक प्रतिरोध किया और करता रहेगा

ईरान के विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ ने परमाणु समझौते का समर्थन करते हुए बल देकर कहा है कि तेहरान अमेरिका के साथ दोबारा परमाणु वार्ता नहीं करेगा।

हमारे संवाददाता के अनुसार विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ ने इटली की राजधानी राम में मेडीट्रेनियन डायलाग के वार्षिक सम्मेलन में ईरान के साथ दोबारा परमाणु वार्ता आरंभ करने के संबंध में अमेरिकी प्रयास की प्रतिक्रिया में कहा कि परमाणु समझौता एक अच्छा समझौता है और इस्लामी गणतंत्र ईरान अब इस संबंध में दोबारा अमेरिका से वार्ता नहीं करेगा।

विदेशमंत्री ने कहा कि इससे पहले ईरान और विश्व के 6 देशों के बीच परमाणु वार्ता 12 सालों तक लंबी खिंची और उसके नतीजे में परमाणु समझौता हुआ और अब यूरोप और परमाणु समझौते के दूसरे पक्षों की बारी है कि वे विश्व की सुरक्षा के लिए पूंजी निवेश और खर्च करें।

विदेशमंत्री ने ईरानी राष्ट्र और इस्लामी व्यवस्था से कुछ दुश्मनियों की ओर संकेत किया और कहा कि ईरान ने न केवल इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद चालिस वर्षों तक प्रतिरोध किया बल्कि सात हज़ार वर्षों तक प्रतिरोध किया और करता रहेगा।

उन्होंने रोम में कहा कि ईरान और इटली कुछ देशों के इतिहास से अधिक पुराने हैं और यही कारण है कि हम घुटने नहीं टेक रहे हैं क्योंकि हम जानते हैं कि कोई भी शक्ति हमेशा रहने वाली नहीं है।

विदेशमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के कुछ देशों ने सद्दाम, सऊदी अरब, दाइश, तालेबान और नुस्राफ्रंट का समर्थन किया और इन देशों को चाहिये कि क्षेत्र के परिवर्तनों के संबंध में वे अपनी नीतियों और व्यवहार में परिवर्तन लायें।

विदेशमंत्री इटली की राजधानी रोम पहुंचे हैं जहां वह मेडीट्रेनियन डायलाग के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए रोम गये हैं। MM