इस्लामी एकता सम्मेलन, स्वतंत्रता प्रेम के मोर्चे पर ईरान अग्रणी
तेहरान में तीन दिनों तक एकता सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस सम्मेलन का नारा, बैतुलमुकद्दस, इस्लामी एकता का बिन्दु था। इस सम्मेलन में पूरी दुनिया से तीन सौ से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और इस्लामी जगत में एकता की राहों और समस्याओं के समाधान पर चर्चा की।
इस्लामी एकता सम्मेलन, इस्लामी गणतंत्र ईरान के सुझाव पर आयोजित किया जाता है और इस साल पैगम्बरे इस्लाम के जन्म दिन के अवसर पर 32वां सम्मेलन आयोजित हुआ। इस्लामी जगत के सब से अधिक प्रभावशाली सम्मेलन का तेहरान में आयोजन, ईरान के एकता बनाने वाली और प्रभावशाली नीतियों की सफलता का चिन्ह है। इस सम्मेलन में इस्लामी जगत के बुद्धिजीवी एक साथ बैठ कर इस्लामी जगत की समस्याओं और उनके समाधान पर विचार करते हैं। यही वजह है कि इस साल के सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण मुद्दा, वापसी के अधिकार के लिए फिलिस्तीनियों का संघर्ष तथा फिलिस्तीनी शरणार्थियों की स्वदेश वापसी, रहा। इसके अलावा, सम्मेलन के नारे पर भी चर्चा की गयी और , मुसलमानों के लिए बैतुलमुकद्दस नगर के एतिहासिक , सांस्कृतिक व धार्मिक महत्व पर बल दिया गया। इस प्रकार से यह कहा जा सकता है कि इस साल एकता सम्मेलन का संदेश, फिलिस्तीन की पीड़ित जनता और प्रतिरोध के मोर्चे का समर्थन रहा है।
इस सम्मेलन में ईरान के खिलाफ अमरीका के आर्थिक युद्ध पर भी ध्यान दिया गया और इस्लामी जगत के बुद्धिजीवियों ने इस विषय पर चर्चा की। वास्तव में ट्रम्प सरकार, सऊदी अरब और इस्राईल का सहयोग करके ईरान को अलग थलग करने का प्रयास कर रही है किंतु ईरान में इस्लामी जगत के विश्व विख्यात नेताओं की उपस्थिति ने ईरान के सामने अमरीकी गठजोड़ की एक और हार को उजागर कर दिया। (Q.A.)