ईरान, स्वीडन में यमन वार्ता का समर्थक, विदेशमंत्री
विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने सोमवार को बल दिया है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान स्वीडन में यमनी पक्षों के मध्य वार्ता का समर्थन करता है।
विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ ने अपने एक ट्विट में इस बात पर बल देते हुए कि सभी पक्षों को यमन संकट के अंत के लिए सार्थक और ज़िम्मेदाराना भूमिका निभाना चाहिए कहा कि वार्ता के समर्थन और हमला करने वालों को हथियारों की आपूर्ति रोकने के संदर्भ में विश्व समुदाय पर भारी ज़िम्मेदारी है।
कार्यक्रमानुसार यमन वार्ता का नया चरण स्वीडन की राजधानी स्टॅाकहोम में आरंभ होने वाला है।
ईरान के विदेशमंत्रालय ने भी सोमवार को एक बयान जारी करके स्वीडन में यमनी पक्षों के मध्य वार्ता का स्वागत करते हुए कहा था कि यमन में संकट व त्रासदी के अंत के लिए कोशिश, एतिहासिक ज़िम्मेदारी है।
विदेशमंत्रालय के बयान में यमन में चार वर्षों से जारी युद्ध और इस देश की जनता के खिलाफ भयानक आक्रमणों के कटु अनुभव के उल्लेख के साथ कहा गया है कि यह युद्ध न केवल यह कि यमन की मूल भूत ढांचे की तबाही और हज़ारों बेगुनाह लोगों की मौत का कारण बना है बल्कि इस से एक महात्रासदी भी जनम ले रही है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान , क्षेत्र के एक प्रभावशाली देश के रूप में हमेशा यमन सहित मध्य पूर्व के संकटों का वार्ता द्वारा समाधान चाहता है।
सऊदी अरब और कुछ देश मिल कर सन 2015 से यमन पर हमले कर रहे हैं जिन में अब तक 14000 से अधिक नागरिक मारे जा चुके हैं जबकि दसियों हज़ार घायल और लाखों बेघर हो चुकेी हैं।
यमन पर सऊदी अरब के हमलों की वजह से इस देश में भुखमरी फैल चुकी है। (Q.A.)