अमरीका और यूरोप की धमकियों में कोई दम नहींः वरिष्ठ नेता + फ़ोटो
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इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि न तो अमरीका और यूरोप की धमकियों में कोई जान है और न ही उनके वादों पर विश्वास किया जा सकता है, ईरान की जनता अमरीकी प्रतिबंधों को भी बड़े शैतान के लिए एसी पराजय में बदल देंगे कि जिसका अतीत में कोई उदाहरण नहीं होगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan ०९, २०१९ १४:५६ Asia/Kolkata
  • अमरीका और यूरोप की धमकियों में कोई दम नहींः वरिष्ठ नेता + फ़ोटो

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि न तो अमरीका और यूरोप की धमकियों में कोई जान है और न ही उनके वादों पर विश्वास किया जा सकता है, ईरान की जनता अमरीकी प्रतिबंधों को भी बड़े शैतान के लिए एसी पराजय में बदल देंगे कि जिसका अतीत में कोई उदाहरण नहीं होगा।

ईरान के पवित्र नगर क़ुम के हज़ारों नागरिकों ने बुधवार को तेहरान में हुसैनिया इमाम ख़ुमैनी में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता सैयद अली ख़ामेनेई से मुलाक़ात की।

9 जनवरी के एतिहासिक आंदोलन के यादगार दिन के अवसर पर होने वाली इस मुलाक़ात में संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने क़ुम को क्रांति का केन्द्रीय शहर और क्रांति की माता क़रार दिया।

वरिष्ठ नेता ने कहा कि क़ुम, इस्लामी क्रांति का मुख्य और अध्यात्मिक स्रोत है जिसने दुनिया को बदल कर रख दिया। वरिष्ठ नेता ने अमरीका और साम्राज्यवादी शक्तियों की ईरान दुश्मनी के कारणों को समझने में  लापरवाही से बचने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि क्रांति की वास्तविकता और प्रवृत्ति तथा इस्लामी सरकार और क्रांति के आधारभूत सिद्धांतों के साथ ईरानी जनता की निष्ठा और साहस, इस्लामी गणतंत्र ईरान के साथ गहरी और स्थाई दुश्मनी का मुख्य कारण है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने जनता की आर्थिक समस्याओं के हल को सरकार की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी क़रार देते हुए कहा कि ईरान की जनता और वरिष्ठ अधिकारी, पवित्र प्रतिरक्षा की भांति पूरी होशियारी के साथ अमरीकी प्रतिबंधों को भी बड़े शैतान के लिए एसी पराजय में बदल देंगे कि जिसका अतीत में कोई उदाहरण न होगा। 

वरिष्ठ नेता ने यूरोपीय देशों की ओर से वचनों के उल्लंघन और ईरान के विरुद्ध प्रोपेगैंडा अभियान की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमरीका और यूरोप के शोर शराबे और हंगामे के मुक़ाबले में पीछे हटने के बजाए डट जाने की आवश्यकता है क्योंकि न तो उनकी धमकियों में कोई जान है और न ही वचनों और हस्ताक्षरों पर कोई विश्वास किया जा सकता है।

उन्होंने कुछ पश्चिमी अधिकारियों के ग़ैर संबंधित बयानों को जोकरों की बात की भांति बताते हुए कहा कि सऊदी अरब से मानवाधिकार की रक्षा का पाठ सीखनेे का परामर्श देना, हास्यास्पद नहीं?  वरिष्ठ नेता ने ईरान को क्षेत्र में रणनैतिक महत्व से संबंध चोटी क़रार देते हुए कहा कि क्रांति के आरंभ में अमरीकियों के ग़ुस्से का मुख्य कारण यह था कि क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण और भौतिक तथा प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न ईरान जैसा नर्म और ताज़ा चारा उनके हाथ से निकल गया था।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ईरान से अमरीकियों की दुश्मनी का क्रम यथावत जारी है किन्तु अमरीका और ईरानी राष्ट्र के बीच मोर्चे का मुख्य कारण सत्य और असत्य के बीच एतिहासिक और व्यक्तिगत युद्ध है क्योंकि विश्व साम्राज्य और साम्राज्यवादी शक्तियां राष्ट्रों का ख़ून चूसती हैं और इस्लामी क्रांति इस प्रकार के खुले अत्याचार के मुक़ाबले में डटी हुई है और दूसरे राष्ट्रों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने दुनिया के अन्य देशों में अमरीका मुर्दाबाद के नारों की गूंज को ईरान की सफलता का चिन्ह क़रार दिया और कहा कि विश्व साम्राज्यवाद, अन्य राष्ट्रों को ईरानोफ़ोबिया तथा शीयाफ़ोबिया द्वारा गुमराह करने का प्रयास कर रहा है किन्तु दुनिया भर के राष्ट्र ईरान के दुश्मन नहीं हैं और जब भी वास्तविकता उन पर स्पष्ट होती है वह ईरान का समर्थन करते हैं। (AK)