ईरानी जनता शत्रुओं की चालों को विफल बना देगीः इमामी काशानी
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आयतुल्लाह काशानी ने कहा है कि ईरानी जनता 22 बहमन के प्रदर्शनों में देश के शत्रुओं को निराश कर देगी।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb ०१, २०१९ १२:२१ Asia/Kolkata
  • ईरानी जनता शत्रुओं की चालों को विफल बना देगीः इमामी काशानी

आयतुल्लाह काशानी ने कहा है कि ईरानी जनता 22 बहमन के प्रदर्शनों में देश के शत्रुओं को निराश कर देगी।

आयतुल्लाह मुहम्मद इमामी काशानी ने इस्लामी क्रांति की सफलता की वर्षगांठ पर बधाई देते हुए कहा है कि इस्लामी क्रांति की सफलता के उपलक्ष्य में निकाले जाने वाले जुलूसों और रैलियों में भारी संख्या में उपस्थित होकर ईरानी जनता न केवल शत्रुओं को निराश करेगी बल्कि उनके षडयंत्रों को भी विफल बना देगी।

जुमे के ख़ुत्बे में आयतुल्लाह काशानी ने कहा कि पहलवी शासन पिछड़ेपन, निरलज्जता तथा कई अन्य हिसाब से बहुत ही भ्रष्ट और नीच था।  उन्होंने कहा कि ईरानी जनता ने बलिदान देकर इस्लामी क्रांति को सफल बनाया।

तेहरान के इमामे जुमा ने कहा कि अमरीका, अवैध ज़ायोनी शासन और सऊदी अरब के त्रिकोणीय गठबंधन ने मध्यपूर्व के लिए जो षडयंत्र बनाया था आज वे स्वयं ही उसमें फंस गए।

उल्लेखनीय है कि 40 वर्ष पूर्व आज ही के दिन एक फ़रवरी सन 1979 को इस्लामी गणतंत्र ईरान के संस्थाक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी 15 वर्षों के निर्वासन के बाद स्वदेश आए थे।  ईरान आने पर जनता ने उनका भव्य स्वागत किया था।  इमाम ख़ुमैनी के ईरान पहुंचने के 10 दिनों के बाद अर्थात 11 फ़रवरी को इस्लामी क्रांति सफल हुई थी।  यही कारण है कि इमाम ख़ुमैनी के ईरान पहुंचने से लेकर इस्लामी क्रांति की सफलता के अंतराल को "दहे फ़ज्र" अर्थात स्वतंत्रता प्रभात का नाम दिया गया है।  प्रतिवर्ष दहे फ़ज्र को ईरान में बहुत ही सम्मान के साथ मनाया जाता है।