वियेना में जेसीपीओए की संयुक्त बैठक
ईरान तथा गुट चार धन एक की बैठक बुधवार को वियेना में हो रही है।
वियेना में होने वाली बैठक में ईरानी प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व विदेश उपमंत्री सैयद अब्बास इराक़ची कर रहे हैं। यूरोपियों के साथ वार्ता स्वयं में एक सकारात्मक प्रक्रिया है। इस मामले की एक बाधा, इस वार्ता के चक्र का निष्क्रय होना है। जेसीपीओए के संदर्भ में वार्ता को कुछ इस प्रकार के प्रश्नों का सामना रहा है जिनका कूटनीतिक क्षेत्र में स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। इराक़ची ने कहा कि परमाणु समझौते के सदस्य देश इस समझौते से अमेरिका के निकल जाने के बाद ऐसे विकल्प तलाश कर रहे थे जिनसे अमेरिका के निकल जाने के बाद होने वाली क्षति की भरपाई की जा सके किंतु अभी इस बारे में बहुत सी बातें अस्पष्ट हैं। जनेवा वार्ता से पहले ईरान के विदेश उपमंत्री अब्बास इराक़ची ने तेहरान में जर्मनी के विदेशमंत्रालय में क्षेत्रीय स्तर के प्रभारी फ़िलिप एक्रामन से भेंट की। इस भेंट में उन्होंने जर्मनी, फ़्रांस तथा ब्रिटेन की ओर से तैयार किये गए वित्तीय पैकेज "इन्सटेक्स" में हो रहे विलंब की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस बात की आशा की जा रही थी कि यूरोपीय पक्ष, इन्सटैक्स को व्यवहारिक बनाने में यथाशीघ्र प्रयास करेंगे।
विदेशी मामलों की स्ट्रैटेजिक परिषद के प्रमुख कमाल ख़र्राज़ी ने फ़्रांस के कुछ वरिष्ठ लोगों के साथ भेंट में कहा कि परमाणु समझौते के सदंर्भ में यूरोपीय क्रियाकलापों के कारण ईरान के जनमत में उसके प्रति अविश्वसनीयता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इन्सटेक्स को लागू कराने की प्रक्रिया को तेज़ करने से यूरोप के बारे में यह भावना समाप्त हो सकती है। अब प्रश्न यह उठता है कि यूरोप, कहां तक इस मामले में आगे जा सकता है?
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने मंत्रीमण्डल के सदस्यों के साथ भेंट में देश की आर्थिक समस्याओं के संदर्भ में जेसीपीओए और इन्सटेक्स के बारे में चर्चा की थी। उन्होंने कहा कि देश के भीतर राष्ट्रीय स्तर के कामों को गंभीरता से लिया जाए। दूसरों की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि एक बार हमने अपनी आर्थिक समस्याओं को जेसीपीओए से जोड़ दिया किंतु यह देश की आर्थिक समस्याओं का समाधान करने में अक्षम रहा। उन्होंने कहा कि हमें देश के लिए बहुत कुछ करना है और हमको अपनी अर्थव्यवस्था के उद्दार को किसी एसी चीज़ से नहीं जोड़ना चाहिए जो हमारे अधिकार से बाहर हो।