ईरान के तेवर से अमरीका पड़ा नर्म
ईरान द्वारा पश्चिम एशिया में तैनात अमरीकी सैनिकों आतंकियों की संज्ञा देने के एलान के एक दिन बाद अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरान निकट भविष्य में अमरीका के लिए ख़तरा नहीं है।
अमरीकी रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता रिबेका रिबारिच ने बल दिया कि पेन्टगॉन निकट भविष्य में ईरान को ख़तरा नहीं समझता। इससे पहले ईरान की क्रान्ति संरक्षक बल फ़ोर्स आईआरजीसी को आतंकवादी गुटों की सूचि में शामिल करने के अमरीकी विदेश मंत्रालय के क़दम पर ईरान ने एलान किया था कि वह पश्चिम एशिया में अमरीका की सेन्ट्रल कमान को आतंकवादी संगठन समझेगा। पेन्टगॉन का ताज़ा एलान ईरान की जवाबी कार्यवाही से अमरीका की चिंता को दर्शाता है। इस चिंता का कारण यह है कि क्षेत्र में अमरीका की सैन्य छावनियां और उसके दसियों हज़ार सैनिक आईआरजीसी की पहुंच में है और आईआरजीसी के ख़िलाफ़ अमरीका के किसी भी दुश्मनी भरे क़दम को ईरान की ओर से मुंहतोड़ जवाब मिलेगा वह भी इस हालत में कि ख़ुद अमरीकी राष्ट्रपति इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान की जंगों में 7 ट्रिलियन डॉलर ख़र्च होने की आलोचना कर चुके हैं। इसलिए ऐसा लगता है कि ईरान की आईआरजीसी फ़ोर्स के ख़िलाफ़ वाइट हाउस हालिया बयान को लागू करने में टालमटोल करेगा या कम से कम बयानों के ज़रिए ईरान-अमरीका के बीच सैन्य टकराव की संभावना को कम करेगा। क्योंकि जैसा कि इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई कह चुके हैं कि अब मार कर फ़रार करने का दौर गुज़र चुका है। अब अमरीका के किसी भी दुश्मनी भरे क़दम का ईरान मुंहतोड़ जवाब देगा।
जैसा कि अमरीकी उपविदेश मंत्री वेन्डी शरमन ने ओबामा के शासन काल में इस वास्तविकता पर बल देते हुए कहा था कि एक विदेशी सेना को आतंकवादी संगठन क़रार देकर हम ईरान के पड़ोस इराक़ में अपने सैनिकों की जान ख़तरे में डाल देंगे। (MAQ/T)