दुनिया के नाम विदेशमंत्री का पत्र, बुरी परंपरा की शुरुआत ख़तरनाक है
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने दुनिया की विभिन्न सरकारों के नाम अपने पत्र में आईआरजीसी का नाम आतंकवादी गुटों की सूची में शामिल करने की अमरीकी कार्यवाही के मुक़ाबले में सैद्धांतिक, सूक्ष्म और क़ानून पर आधारित दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है।
विदेशमंत्री ने बुधवार को दुनिया के देशों के विदेशमंत्रियों के नाम अपने पत्र में एक स्वतंत्र सरकार और संंयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देश की आधिकारिक सेना के एक भाग का नाम आतंकवादियों की सूची में डालने की अमरीकी प्रशासन की हालिया बुरी परंपरा के राजनैतिक व क़ानूनी दुष्परिणामों की ओर संकेत करते हुए कहा कि यह कार्यवाही, अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए अतिगंभीर ख़तरा है।
अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के विरुद्ध अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की सरकार की हरकतें, अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों और संस्थाओं की अनदेखी, कुछ अंतर्राष्ट्रीय समझौतों और संगठनों से निकलना और अब तथाकथित आतंकवादी गुट की लिस्ट में ईरान की सशस्त्र सेना के एक भाग का नाम डालना, इन सब कार्यवाहियों से पता चलता है कि ट्रम्प सरकार की कार्यवाहियां कुछ गिने चुने देशों के विरुद्ध नहीं है बल्कि यह विश्व शांति व सुरक्षा के लिए ख़तरा है।
इसी हवाले से चीन के ग्लोबल टाइम्ज़ समाचार पत्र ने आईआरजीसी के विरुद्ध अमरीकी सरकार की कार्यवाही पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अमरीका आतंकवाद शब्द का दुरुपयोग करके उन देशों को कमज़ोर करने का प्रयास कर रहा है जिसे वह पसंद नहीं करता।
विश्व शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरों और ट्रम्प की ख़तरनाक कार्यवाही के दृष्टिगत आवश्यकता इस बात की है कि दुनिया के विभिन्न देश, ट्रम्प प्रशासन की कार्यवाहियों के मुक़ाबले में पूरी एकता और एकजुटता के साथ ठोस दृष्टिकोण पेश करें।
अमरीकी सरकार ने क्षेत्र में उन शक्तियों पर दबाव डालने की अपनी नीति जारी रखते हुए कि जिन्होंने वाशिंग्टन समर्थित आतंकवादियों को पराजित किया है, आईआरजीसी को आतंकवादियों की अपनी सूची में शामिल कर दिया है। अमरीका की इस कार्यवाही की दुनिया के बहुत से देशों ने निंदा की है। (AK)