किसी भी स्थिति में दुश्मन के सामने घुटने नहीं टेकेंगेः वरिष्ठ नेता
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने बुधवार को कहा है कि ईरानी राष्ट्र को घुटने टिकवाने के लिए शत्रु ने आर्थिक दबाव पर ध्यान केन्द्रित किया है किंतु यह राष्ट्र किसी भी स्थिति में झुकने वाला नहीं है। उन्होंने बल देकर यह कहा है कि हम अमरीकी शत्रुता को निरुत्तर नहीं छोड़ेंगे।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने बुधवार को मज़दूर सप्ताह के आरंभ होने के अवसर पर विभिन्न उद्योगों से जुड़े मज़दूरों से भेंट की। इस भेंट में वरिष्ठ नेता ने अमरीका की ओर से ईरान के तेल निर्यात के मार्गों को बंद करने के प्रयासों की ओर संकेत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरानी राष्ट्र और वहां के होशियार अधिकारियों ने दर्शा दिया है कि अगर वे हिम्मत कर लें तो सभी बाधाओं को रास्ते से हटा सकते हैं। वरिष्ठ नेता ने बल देकर कहा कि निश्चित रूप में अमरीका का यह प्रयास भी विफल रहेगा। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, जब भी चाहेगा अपनी इच्छा के अनुसार तेल का निर्यात करेगा।

वरिष्ठ नेता ने ईरानी राष्ट्र के शत्रुओं को संबोधित करते हुए कहा कि तुम्हारी शत्रुता का जवाब अवश्य दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरानी राष्ट्र वह राष्ट्र नहीं है जिसके विरुद्ध षडयंत्र किये जाएं और वह बैठा देखता रहे। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने अमरीका की ओर से ईरान पर तेल निर्यात के बारे में डाले जा रहे दबाव के संदर्भ में कहा कि तेल के निर्यात पर निरभर्ता में कमी को हम एक अवसर समझते हुए इससे देश की भीतरी संभावनाओं से अधिक से अधिक लाभ उठाने पर ज़ोर देंगे। उन्होंने अमरीकी तथा ज़ायोनी अधिकारियों के दावों की ओर संकेत करते हुए कहा कि वे दावे करते हैं कि हम ईरान की इस्लामी शासन व्यवस्था के विरोधी हैं न कि ईरानी राष्ट्र के। हालांकि इस्लामी गणतंत्र ईरान से शत्रुता, ईरानी राष्ट्र से शत्रुता जैसा है क्योंकि अगर जनता की सहायता और उसका सहयोग न होता तो इस्लामी गणतंत्र कहां से होता। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने आगे कहा कि जैसा कि हालिया दिनों में कहा जा रहा है कि शत्रुओं के प्रयास, शत्रुता के उनके आख़िरी प्रयास हैं और वह ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध अपनी शत्रुता से थक जाएंगे किंतु ईरानी राष्ट्र, अपने प्रयासों से थकने वाला नहीं है।