क्षेत्र में कुछ भी हुआ तो कोई सुरक्षित नहीं रहेगाः ज़रीफ़
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने ईरान से टकराव के लिए वाशिंग्टन को उकाने पर सऊदी अरब और सयुक्त अरब इमारात को धमकी देते हुए बल दिया कि क्षेत्र में कोई तनाव पैदा होने की स्थिति में कोई भी सुरक्षित नहीं रहेगा।
विदेशमंत्री ने अमरीकी वेबसाइट लोब्लाग से बात में जो शनिवार को प्रसारित हुआ, कहा कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात ने अमरीका से कहा है कि वह ईरान के तेल का विकल्प पेश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों की यह कार्यवाही, एक आर्थिक आतंकवाद में भागीदारी के अर्थ में है।
श्री जवाद ज़रीफ़ ने यह बयान करते हुए कि तेहरा की नीति, पड़ोसियों के साथ निकट संबंधों की रक्षा करना है, कहा कि इराक़, तुर्की, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, रूस, अर्मीनिया, भारत, आज़रबाइजान गणराज्य, ईरान के निकटतम पड़ोसी हैं जिनसे ईरान के अच्छे संबंध हैं।
विदेशमंत्री ने यह बयान करते हुए कि ईरान फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद के समस्त देशों के साथ अच्छे संबंधों का इच्छुक है, कहा कि ईरान फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद के कुछ देशों के साथ अच्छे संबंध रखता है किन्तु कुछ देशों के ईरान विरोधी दृष्टिकोणों की वजह से उनके साथ तेहरान के अच्छे संबंध नहीं हैं।
उन्होंने ईरान और अमरीका के बीच बंदियों के आदान प्रदान के सुझाव के बारे में कहा कि अमरीकियों ने कहा कि ईरान बंदियों को स्वतंत्र कर सकता है और इससे पता चलता है कि वे केवल अपनी मांगों को पेश करते हैं।
श्री जवाद ज़रीफ़ ने इसी प्रकार परमाणु समझौते और इस समझौते के बारे में यूरोप की प्रतिबद्धताओं के बारे में कहा कि यूरोप ने परमाणु समझौते के अपने कम से कम दस प्रतिशत वचनों पर अमल किया इसीलिए यूरोप को चाहिए कि बातें करने के बजाए अपने वचनों पर अमल करें।
उन्होंने कहा कि जब तक यूरोप अपने वचनों पर प्रतिबद्ध नहीं रहेगा, परमाणु समझौते के समाप्त होने का ख़तरा यथावत बाक़ी रहेगा। (AK)