ज़रीफ़ ने रूहानी का ख़त पूतिन को पहुंचाया
विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने अपने रूसी समकक्ष सिर्गेई लावरोफ़ से मुलाक़ात में द्विपक्षीय व क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत की।
जवाद ज़रीफ़ ने बुधवार को मॉस्को में सिर्गेई लावरोफ़ से मुलाक़ात में तेहरान-मॉस्को संबंध की अहमयित की ओर इशारा करते हुए कहा कि परमाणु समझौते जेसीपीओए में बाक़ी बचे देशों में रूस की ईरान के लिए विशेष अहमियत है।
उन्होंने कहा कि परमाणु समझौते जेसीपीओए से अमरीका के निकलने के बाद, ईरान-रूस के बीच पिछले एक साल में संबंध बहुत अच्छे रहे लेकिन अफ़सोस कि योरोप ने कोई क़दम नहीं उठाया।
ईरानी विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति रूहानी के रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पूतिन के नाम ख़त में तेहरान के जेसीपीओए के बारे में फ़ैसले के संदर्भ में कहा कि ईरान के साथ सभी देशों के सहयोग व संबंध का स्वरूप एक जैसा नहीं है।
इस अवसर पर रूसी विदेश मंत्री ने ईरान की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के प्रति पाबंद रहने में रूचि की सराहना करते हुए कहा कि रूस ईरान के धैर्य की सराहना करता है।
लावरोफ़ ने कहा कि जेसीपीओए के बारे में अमरीका का व्यवहार इस समझौते के संदर्भ में बहुत से मामलों के जन्म लेने का कारण बना है।
लावरोफ़ ने इस बात पर बल देते हुए कि हम अमरीका के एकपक्षीय क़दम से निपटने के उपाय की तलाश में हैं, कहा कि हम अमरीका को छोड़ जेसीपीओए के सभी देशों से बातचीत करेंगे कि अपने किए हुए वचन का पालन करें।
ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति रूहानी ने बुधवार को परमाणु समझौते जेसीपीओए के बाक़ी बचे देशों रूस, फ़्रांस, ब्रिटेन, चीन और जर्मनी के राष्ट्राध्यक्षों को ख़त भेजा है।
उन्होंने इस ख़त में अमरीका की वादा ख़िलाफ़ी और अंतर्राष्ट्रीय क़ानून के ख़िलाफ़ उसकी कार्यवाही का उल्लेख करते हुए लिखा कि जेसीपीओए के बाक़ी बचे देशों के पास अपने वचन पर अमल करने के लिए 60 दिन वक़्त है। (MAQ/N)