ईरान क्षेत्र की सुरक्षा को मज़बूत बनाना चाहता हैः रूहानी
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि ईरान क्षेत्र में शांति व सुरक्षा को मज़बूत बनाने के प्रयास में है और उसे अन्य देशों के साथ टकराव में कोई रुचि नहीं है।
डाॅक्टर हसन रूहानी ने बुधवार को क़तर नरेश शैख़ तमीम बिन हमद आले सानी से टेलीफ़ोन पर बात करते हुए कहा कि अगर कोई देश ईरान के ख़िलाफ़ मूर्खतापूर्ण क़दम उठाता है तो निश्चित रूप से उसे ठोस व पछताने पर विवश करने वाला जवाब मिलेगा। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि क्षेत्र की समस्याओं व कठिनाइयों का सैन्य समाधान नहीं है, कहा कि इराक़ के पूर्व तानाशाह सद्दाम द्वारा कुवैत पर अवैध रूप से क़ब्ज़ा किए जाने के समय और इसी तरह यमन पर सऊदी अरब व इमारात के हमले एवं क़तर की घेराबंदी के संबंध में ईरान की नीतियां इस बात को सिद्ध करती हैं कि वह युद्ध, दबाव और प्रतिबंध का विरोधी है।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि तेहरान, दोहा के साथ अपने संबंधों को विस्तृत करने का इच्छुक है और फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद व अरब संघ की बैठक में क़तर की नीतियां, अच्छे पड़ोस की नीति और तनाव कम करने के पर आधारित थी और निश्चित रूप से हर वह बैठक जो क्षेत्रीय देशों को एक दूसरे के निकट न लाए, निष्प्रभावी, ग़ैर सकारात्मक बल्कि हानिकारक होगी। उन्होंने कहा कि ईरान, यमन और क़तर से सऊदी अरब व संयुक्त अरब इमारात के संबंध ग़लत हैं और यह रवैया पूरे क्षेत्र के लिए हानिकारक होगा।
इस टेलीफ़ोनी वार्ता में क़तर नरेश शैख़ तमीम बिन हमद आले सानी ने ईरान व क़तर के संबंधों को ऐतिहासिक बताया और क़तर की घेराबंदी के संबंध में ईरान के रुख़ की सराहना करते हुए कहा कि दोहा कभी भी तेहरान की सकारात्मक नीतियों को नहीं भूलेगा और वह सभी क्षेत्रों में ईरान के साथ संबंध विस्तार का इच्छुक है। (HN)