ईरान, सीआईए का बड़ा हमला नाकाम, ख़तरनाक साइबर नेटवर्क तबाह
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमख़ानी ने कहा है कि ईरान के विरुद्ध साइबर हमले की योजना बनाने वाले एक बड़े नेटवर्क का पता लगाकर उसे तबाह कर दिया गया है।
उन्होंने वाइट हाऊस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के इस बयान पर प्रतिक्रिया में कि वाशिंग्टन दूसरे देशों पर साइबर हमले की तैयारी कर रहा है, कहा कि कुछ दिन पूर्व ईरान की ख़ुफ़िया एजेन्सियों ने सीआईए के एक बहुत ही जटिल साइबर नेटवर्क का पता लगाकर उसे तबाह कर दिया था।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा कि अमरीका की जासूसी की गतिविधियों का मुक़ाबला करने के लिए एक ख़ुफ़िया नेटवर्क के गठन की परिधि में ईरान और अन्य देशों के सहयोग के दृष्टिगत ईरान ने सीआईए के साइबर नेटवर्क का पता लगाने के बाद उससे संबंधित जानकारी अपने मित्र और भागीदार देशों को दे दीं।
उन्होंने कहा कि ईरान की इस कार्यवाही के परिणाम में सीआईए के ख़ुफ़िया अधिकारियों का नेटवर्क तबाह हो गया और दुनिया के विभिन्न देशों में इस नेटवर्क से जुड़े बहुत से लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया।
श्री अली शमख़ानी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि अमरीकियों ने ईरान की इस कार्यवाही को गुप्तचर विभाग में अमरीका की अपमानजनक पराजय का नाम दिया है, कहा कि अन्य देशों पर साइबर हमला, सैन्य हमले का दूसरा रुख़ है इसलिए अमरीका को अपनी इस कार्यवाही पर अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में जवाब देना पड़ेगा।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमख़ानी ने इस बात पर बल देते हुए कि ईरान फ़ार्स की खाड़ी और हुर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा का रखवाला है, कहा कि ईरान ने तनाव कम करने के लिए पड़ोसी देशों को अनेक सुझाव दिए हैं किन्तु हर बार संदिग्ध कार्यवाहियों के बहाने वार्ता प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हो जाती है और फिर अमरीका के हस्तक्षेप के कारण यह दूरी और ज़्यादा बढ़ जाती है। (AK)