अगर अमरीकी आग से डरते हैं तो उसे न भड़काएं- रूहानी
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राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि अमरीका अगर आग से डरता है तो उसे चाहिए कि वह उसे न भड़काए बल्कि सुरक्षा परिषद के समझौते के अनुरूप काम करे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul ०३, २०१९ १०:३९ Asia/Kolkata
  • अगर अमरीकी आग से डरते हैं तो उसे न भड़काएं- रूहानी

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि अमरीका अगर आग से डरता है तो उसे चाहिए कि वह उसे न भड़काए बल्कि सुरक्षा परिषद के समझौते के अनुरूप काम करे।

डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि अमरीकियों ने पिछले एक साल से क्षेत्र में आग लगाने का काम शुरू कर रखा है।  उन्होंने कहा कि अब जबकि वे आग में घी डालने का काम कर रहे हैं तो कहते हैं कि आग से खेलना ख़तरनाक है।  हसन रूहानी ने कहा कि परमाणु समझौते के पक्ष ईरान को यह सुझाव दे रहे हैं कि वह इस समझौते में बना रहे।  उन्होंने कहा कि अगर वे जेसीपीओए से संबन्धित अपने वचनों को व्यवहारिक नहीं बनाएंगे तो ईरान, पूर्व घोषणा के अनुसार 60 दिनों की समय सीमा समाप्त होने पर बाद वाली कार्यवाही करेगा।  राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि सामने वाले पक्ष अगर अपने वचनों के प्रति कटिबद्ध रहें तो फिर ईरान, समझौते की शर्तों पर तेज़ी से वापस आ जाएगा।

डाक्टर रूहानी ने जेसीपीओए या परमाणु समझौते के बारे में अमरीका तथा यूरोप के दोहरे मानदंडों की आलोचना करते हुए कहा कि अगर यह अच्छा समझौता है तो फिर अमरीका और यूरोप इसके संबन्ध में अपने वचनों को पूरा क्यों नहीं कर रहे हैं और अगर यह बुरा समझौता है तो फिर जब ईरान, परमाणु समझौते के आधार पर इसके कुछ हिस्सों को रोकना चाहता है तो वे पूरे संसार में शोर-शराबा क्यों कर रहे हैं?  उन्होंने इन्सटेक्स को नुमाइशी बताते हुए कहा कि यूरोपियों ने इस वित्तीय तंत्र के बारे में ईरान को जो वचन दिये थे उनको अभीतक पूरा नहीं किया है।  ईरान के राष्ट्रपति रूहानी ने जेसीपीओए या परमाणु समझौते को संसार के सभी राष्ट्रों के लिए लाभदायक बताया।  हसन रूहानी ने ईरान के यात्री विमान पर अमरीका के युद्धपोत विंसटन की ओर से किये गए हमले की वर्षगांठ पर कहा कि ईरान के यात्री विमान पर हमने ने दर्शा दिया कि अमरीकियों के लिए अपराध एक आम सी बात है।