अंतिम जीत तक फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध का समर्थन जारी रहेगाः शम्ख़ानी
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च परिषद के सचिव ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, बच्चों के हत्यारे ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ प्रतिरोध के मोर्चे की अंतिम जीत तक, फ़िलिस्तीन का समर्थन करता रहेगा।
अली शम्ख़ानी ने तेहरान दौरे पर आए फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन के पोलित ब्यूरो के उपप्रमुख सालेह अलअरूरी से मुलाक़ात में यह बात कही। अली शम्ख़ानी ने साफ़ तौर पर कहा कि फ़िलिस्तीन की महत्वकांक्षा के समर्थन के पीछे इस्लामी क्रान्ति का सिद्धांत है और यह समर्थन हत्यारे अतिग्रहणकारी पर प्रतिरोध के मोर्चे की संपूर्ण सफलता तक जारी रहेगा।
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च परिषद के सचिव ने "सेन्चरी डील" को एक नाकाम कोशिश बताते हुए कहा कि ज़ायोनी शासन और उसके समर्थकों की स्थिति कमज़ोर और पतन की ओर उन्मुख है और उस योजना का कोई नतीजा नहीं निकलेगा जो फ़िलिस्तीनी जनता के इरादे व इच्छाओं के विपरीत हो।
उन्होंने आंतरिक क्षमता और इस्लामी प्रतिरोध को ही फ़िलिस्तीनी जनता के अधिकार की प्राप्ति और जीत का साधन बताया।
इस अवसर पर हमास के पोलित ब्यूरो के उपप्रमुख सालेह अलअरूरी ने भी फ़िलिस्तीनी जनता के प्रतिरोध को ईरान की ओर से निरंतर समर्थन की सराहना करते हुए बल दिया कि फ़िलिस्तीनी राष्ट्र ज़ायोनी शासन की धमकियों से नहीं डरता और अतिग्रहणकारियों के अतिक्रमण के मुक़ाबले में क्रान्तिकारी व स्वाधीन देशों के समर्थन से डटा रहेगा। (MAQ/N)