तेल का हथियार इस्तेमाल करने का अमरीका का दांव फ़ेल
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ईरान के बजट में तेल के भाग को शून्य तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेज़ी ने अमरीका से वह हथियार ही छीन लिया है जिसे इस्तेमाल करके वह ईरान पर अधिकतम दबाव डालने की कोशिश कर रहा था।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul २७, २०१९ १५:५२ Asia/Kolkata
  • तेल का हथियार इस्तेमाल करने का अमरीका का दांव फ़ेल

ईरान के बजट में तेल के भाग को शून्य तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तेज़ी ने अमरीका से वह हथियार ही छीन लिया है जिसे इस्तेमाल करके वह ईरान पर अधिकतम दबाव डालने की कोशिश कर रहा था।

ईरान की कार्यक्रम व बजट संस्था के आर्थिक मामलों के उप प्रमुख सैयद हमीद पूरमुहम्मदी का कहना है कि जारी वर्ष में देश के बजट में प्रतिदिन तीन लाख बैरल तेल की बिक्री को दृष्टिगत रखा गया है जबकि पिछले पिछले साल के बजट में यही आंकड़ा पंद्रह लाख बैरल था और उससे पहले लगभग 26 लाख बैरल प्रतिदिन था। उन्होंने बताया कि जारी वर्ष के बजट में तेल पर निर्भरता पिछले दो वर्षों की तुलना में लगभग चौबीस लाख बैरल प्रतिदिन घटी है और तेल का स्थान अन्य वस्तुओं को दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के माध्यम से देश के बजट में तेल की बिक्री को शून्य करना भी संभव है और इस समय भी बजट में तेल का भाग लगभग शून्य ही है।

 

देश के बजट से तेल की बिक्री को हटाने का सबसे अहम प्रभाव, ईरान पर अधिकतम दबाव डालने के मोर्चे पर डोनल्ड ट्रम्प के हथियार छिन जाने के रूप में सामने आया है क्योंकि वे ईरान के तेल के निर्यात को शून्य पर पहुंचा कर अपने विचार में उस पर दबाव डालना चाहते थे। ट्रम्प को आशा थी कि अमरीका परमाणु समझौते से निकल कर और ईरान के तेल निर्यात को शून्य पर पहुंचा कर उसे वाॅशिंग्टन की मांगें मानने पर मजबूर कर देगा। देश के बजट से तेल को हटाने की नीति का एक अन्य अहम प्रभाव, स्वदेश उत्पादों पर भरोसे और पैदावार में वृद्धि के रूप में सामने आएगा और इसी के साथ विदेशी वस्तुओं का आयात घटेगा। इस नीति से पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और बेरोज़गारी घटेगी। आंकड़ों के अनुसार पिछले साल ईरान को केवल पर्यटन उद्योग में ही 12 अरब डाॅलर की आय हुई है।

 

देश के बजट में तेल पर निर्भरता को कम करने की नीति का एक और परिणाम यह निकला है कि देश की करंसी की स्थिति बेहतर हो रही है। आरंभ में ट्रम्प की ओर से ईरान पर दबाव डालने की नीति के चलते करंसी का मूल्य गिरने लगा था लेकिन अब प्रतिरोधक अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करने के कारण ट्रम्प की यह नीति अवसर में बदल गई है और देश के अधिकारी ग़ैर पेट्रोलियम उत्पादों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं और अगले बरसों में ईरान व्यवहारिक रूप से क्षेत्र की एक आर्थिक शक्ति में परिवर्तित हो जाएगा। ट्रम्प ने ईरान को झुकाने के लिए उसके ख़िलाफ़ अधिकतम दबाव की नीति शुरू की थी लेकिन ईरान ने उसे देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के अवसर में बदल दिया और अमरीका के ख़ंजर की धार कुंद कर दी। इसी लिए अब अमरीकी अधिकारी अपने शर्तों से पीछे हटते हुए ईरान के साथ किसी भी तरह वार्ता शुरू करने के लिए छटपटा रहे हैं। (HN)