वे अमेरिकी सैनिक कौन हैं जो बिना वर्दी के होते हैं?
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख ने कहा है कि आतंकवादी गुट “एमकेओ” के आतंकी अमेरिका के वह सैनिक हैं जो बिना वर्दी के होते हैं।
हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस्लामी गणतंत्र ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख सैयद इब्राहीम रईसी ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायिक परिषद की बैठक में ईरान के शूरवीर जवानों द्वारा किए गए गौरवान्वित करने वाले सैन्य ऑपरेशन "मिरसाद" के बारें में कहा कि साम्राज्यवादी शक्तियां आतंकवादी गुट एमकेओ के आतंकियों को हर तरह का समर्थन देकर ईरान के ख़िलाफ़ तैयार करती हैं, लेकिन ईरान की बहादुर और मोमिन जनता के मज़बूत इरादों के सामने हमेशा पराजित हो जाती हैं।
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख ने कहा कि ईरानी जनता के दिलों में दिन प्रतिदिन अमेरिकी शासन के ख़िलाफ़ नफ़रत में वृद्धि होती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ती नफ़रत का कारण यह है कि अमेरिका न केवल ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ साज़िशें करने में व्यस्त हैं बल्कि दुनिया के ज़्यादातर देशों के लोग इस समय अमेरिकी शासन के षड्यंत्रों का शिकार हैं। सैयद इब्राहीम रईसी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की ताज़ा रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि पश्चिम एशिया में सबसे अधिक मानवीय अपराधों को अंजाम देने वाले दो शासन हैं और दोनों शासनों को अमेरिकी शासन का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।
ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट के अनुसार बच्चों का सबसे बड़ा हत्यारा यमन में सऊदी अरब का आले सऊद शासन है और फ़िलिस्तीन में ज़ायोनी शासन है। उन्होंने कहा कि यमन में आले सऊद और फ़िलिस्तीन में ज़ायोनी शासन द्वारा किए जा रहे अपराधों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका ही ज़िम्मेदार है। (RZ)