ब्रिटेन, एक तीर से दो शिकार करने की कोशिश में + वीडियो
ब्रिटेन ने घोषणा की है अमरीकी गठबंधन के लिए वह एक नया जलपोत फ़ार्स की खाड़ी में भेज रहा है हालांकि वास्तविकता यह है कि इस जलपोत को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले से मौजूद एक युद्धपोत के स्थान पर भेजा जाना था।
तसनीम समाचार एजेन्सी के अनुसार ब्रिटेन के संचार माध्यमों ने कल यह समाचार प्रसारित किया कि फ़ार्स की खाड़ी और हुरमुज़ स्ट्रेट में व्यापारिक जहाज़ों की सुरक्षा के उद्देश्य से अमरीकी नेतृत्व में बनने वाले गठबंधन का भाग बनने के लिए ब्रिटेन का एचएमएस केंट युद्धपोत, रवाना हो चुका है।
ब्रिटेन उन गिने-चुने देशों में से एक है जिसने फ़ार्स की खाड़ी में अमरीका की ओर से बनाए जाने वाले गठबंधन का भाग बनने पर सहमति जताई है। हालांकि युद्धपोत का भेजा जाना, फ़ार्स की खाड़ी में मौजूद युद्धपोत की संख्या में वृद्धि का कारण नहीं है बल्कि वास्तविकता यह है कि केंट नामक युद्धपोत, फ़ार्स की खाड़ी में मौजूद ब्रिटेन के डेनकन डेस्ट्रायर की जगह लेगा। इस प्रकार की ख़बरे इस स्थिति में फैलाई जा रही है कि जब विगत से आजतक फ़ार्स की खाड़ी में ब्रिटेन की उपस्थिति रही है। हालांकि पहलवी के काल में अपनी नीतियों के कारण ब्रिटेन ने फ़ार्स की खाड़ी में अपने वर्चस्व को दूसरों के हवाले कर दिया था किंतु वह सदा के लिए कभी भी फ़ार्स की खाड़ी से विदा नहीं हुआ। पिछले चार दशकों के दौरान ब्रिटेन के युद्धपोत कभी भी ईरान के लिए ख़तरा नहीं रहे यहां तक कि टैंकरों के युद्ध के दौरान भी। उस समय जब फ़ार्स की खाड़ी और ओमान सागर में ब्रिटेन के Eslinburgb और Andromeda Brazen नामक डेस्ट्रायर और युद्धपोत मौजूद थे। उन्होंने भर किसी भी प्रकार का कोई हस्तक्षेप नहीं किया। वर्तमान समय में फ़ार्स की खाड़ी और ओमान सागर में ब्रिटेन का Duncan नामक विध्वंसक और Monteroze नामक युद्धपोत मौजूद है। केंट पोत के आते ही डंकन नामक विध्वंसक, फ़ार्स की खाड़ी से चला जाएगा। फ़ार्स की खाड़ी में स्थाई उपस्थिति के रूप में यह सन 2020 तक अपना काम करता रहेगा। डंकन विध्वसंक पोत 12 जूलाई को फ़ार्स की खाड़ी के लिए रवाना हुआ था जो 28 जूलाई को ब्रिटेन के अन्य जहाज़ों से जा मिला। यह पोत, ब्रिटेन की ओर से अमरीका के समुद्री गठबंधन का हिस्सा बनने की घोषणा से पहले अपनी यात्रा पर रवाना हुआ था। डंकन के फ़ार्स की खाड़ी रवाना होने के साथ ही ब्रिटेन की सरकार ने घोषणा की थी कि एचएमएस डंकन-45 अगस्त के अंत तक, एचएमएस मांट्रो के साथ रहेगा और अगस्त के अंत में एचएमएस केंट, विध्वंसक पोत का स्थान लेगा जबकि मांट्रोज़ पोत, क्षेत्र में ही बना रहेगा। 16 दिनों की यात्रा के बाद डंकन, फ़ार्स की खाड़ी पहुंचा। इस बात की संभावना व्यक्त की जा रही है कि केंट पोत भी अगस्त के अंत तक फ़ार्स की खाड़ी में पहुंचेगा। इन बातों से यह समझा जा सकता है कि ब्रिटेन के युद्धपोत या विध्वंसक, एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फ़ार्स की खाड़ी पहुंच रहे हैं और इनका उस समुद्री गठबंधन से कोई संबन्ध नहीं है जिसकी घोषणा अमरीका ने की है। ब्रिटेन की सरकार ने डंकन के फ़ार्स की खाड़ी रवाना होने के समय घोषणा की थी कि फ़ार्स की खाड़ी में ब्रिटेन के जलपोतों की उपस्थिति का उद्देश्य, Cape canon नामक आपरेशन में भाग लेना है। यह ब्रिटेन की नौसेना का ऐसा अभियान है जिसका उद्देश्य समुद्री डकैती और समुद्री तस्करी का मुक़ाबला करना तथा व्यापारिक जहाज़ो के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराना है। ऐसा लग रहा है कि ब्रिटेन भी अमरीका की ही भांति एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को इस प्रकार से पेश कर रहा है कि मानो यह जलपोप, अमरीका के समुद्री गठबंधन का भाग हैं जो इसी उद्देश्य से फ़ार्स की खाड़ी जा रहे हैं।
ब्रिटेन के इस प्रचारिक खेल ने फ़ार्स की खाड़ी में अमरीका के विमानवाहक अब्राहम लिंकन की याद ताज़ा कर दी। अमरीकियों ने मई में अब्राहम लिंकन नामक विमान वाहक पोत क्षेत्र में भेजा था ताकि वह क्षेत्र में पहले से मौजूद John C. Stearns विमान वाहक का स्थान ले सके। हालांकि अमरीकियों ने अपने इस काम से यह दर्शाने का प्रयास किया था कि जैसे वे ईरान के विरुद्ध कोई हमला करने के उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं।